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जेल से रिहा हुए भानूसहाय

झाँसी
बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा बुंदेलखंड प्रांत की मांग को लेकर वर्षों से संघर्षरत है। जीवन का प्रत्येक क्षण बुंदेलखंड की अस्मिता और अधिकारों के लिए समर्पित करने वाले क्रांतिकारी नेता भानू सहाय को 4 जून को जेल भेज दिया गया था।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एवं बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के योद्धाओ के विरोध को देखते हुए 6 जून शाम को जिला कारागार में निरुद्ध भानु सहाय को रिहा कर दिया गया |
जिला कारागार से बाहर निकलते ही बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के योद्धा, अधिवक्ता एवं अनेक राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों द्वारा
“जेल के ताले टूट गए, भानु सहाय छूट गए” |
“कौन आया कौन आया भानु सहाय शेर आया ” के गगन भेदी नारों के साथ सैकड़ों लोगों ने गर्म जोशी से स्वागत किया।
मोर्चा अध्यक्ष भानू सहाय ने सभी का आभार प्रकट करते हुए कहा ऐसे उत्पीड़न से डर कर बुंदेलखंड राज्य निर्माण का आंदोलन न रुकेगा,न झुकेगा और न थमेगा बल्कि और तेजी से आगे बढ़ेगा।
उन्होंने मोर्चा की आवश्यक बैठक शीघ्र करके आंदोलन की आगे की रूप रेखा तै की जाएगी।
जेल के बाहर स्वागत करने वालों में प्रदीप जैन आदित्य पूर्व केंद्रीय मंत्री, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रमोद शिवहरे, रजनीश श्रीवास्तव, प्रवक्ता रघुराज शर्मा, सुरेंद्र सक्सेना, मुकेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष वरूण अग्रवाल, अधिवक्ता रामकुमार खरे, गिरजा शंकर राय, प्रदीप नाथ झा, गोलू ठाकुर, हनीफ खान, पार्षद सत्येंद्र पूरी, राजेन्द्र कुमार पूर्व पार्षद बरुआसागर,
अनिल कश्यप, पिंकी जैन, डॉ सुनील तिवारी, सतेंद्र श्रीवास्तव नरेश वर्मा, ब्रजेश राय, राम गुप्ता, अनिल रिछारिया, प्रदीप गुर्जर, विकास पुरी, अभिषेक तिवारी, प्रभुदयाल कुशवाहा, शाहजहाँ बेग़म, विजय रैकवार, अरूण रैकवार, शंकर रैकवार, घनश्याम गौत्तम, मुहम्मद शफीक, राजू जुनेजा, सत्यम गौतम, आदि बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं एवं सैकड़ों बुन्देली योद्धाओं ने माल्यार्पण कर एवं मिष्ठान खिलाकर स्वागत किया।

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