श्रीमद्भागवत कथा में रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुनाया।
मोंठ= मोंठ के ग्राम जौरा स्थित शिव मंदिर परिसर में चल रही श्री मद भागवत कथा एवं ज्ञान यज्ञ में कथाव्यास पंडित प्रभुदयाल शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और देवी रुक्मिणी के पावन विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा सुनकर श्रद्धालु भक्ति रस में डूब गए और पूरा पंडाल राधे-श्याम तथा जय श्रीकृष्ण के जयघोष से गूंज उठा।
कथा व्यास ने बताया कि विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी भगवान श्रीकृष्ण को अपने आराध्य के रूप में मानती थीं। उन्होंने पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ श्रीकृष्ण को संदेश भेजकर स्वयं को उनके चरणों में समर्पित कर दिया। भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी की अटूट भक्ति और प्रेम को स्वीकार करते हुए उनका हरण कर विधि-विधान से विवाह किया।
उन्होंने कहा कि रुक्मिणी विवाह प्रसंग सच्चे प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है। जो भक्त निष्काम भाव से भगवान का स्मरण करता है, उसे प्रभु की कृपा अवश्य प्राप्त होती है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन कर भगवान श्रीकृष्ण के विवाहोत्सव का उत्साहपूर्वक आनंद लिया।
मुख्य यजमान श्रीमती अभिलाषा छबिराम मुदगिल ने आरती की। इस मौके पर महेश मुदगिल, विकास यादव, सचिन मुदगिल, श्री राम, सोनू, राजू यादव, सुनील मुदगिल सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
