पुण्यों के उदय से कथा श्रवण का सौभाग्य मिलता है
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रानीपुर- मोहल्ला खुशीपुरा स्थित प्राचीन सिद्ध स्थल श्री आदिकुमारी मंदिर प्रांगण में नौ कुंडीय शतचंडी महायज्ञ एवं श्रीमद् देवी भागवत महापुराण की कथा का नौ दिवसीय आयोजन किया जा रहा है। जिसके उपलक्ष में भव्य कलश यात्रा निकाली गई जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं में भाग लिया। कलश यात्रा के पहले मंदिर में विधि विधान के साथ यज्ञाचार्य राजेंद्र पुरोहित के द्वारा वैदिक कार्यक्रम संपन्न हुए। यज्ञ के मुख्य यजमान शांतिदेवी बिहारी लाल आर्य महापौर द्वारा पूजा अर्चना की गई। तत्पश्चात यज्ञ स्थल से भव्य कलश यात्रा प्रारंभ हुई। जिसमें बड़ी संख्या में महिला पुरुषों ने भाग लिया। महिलाएं सिर पर कलश धारण किये थी। महापुराण की कथा वाचक परम पूज्य बाल साध्वी महामंडलेश्वर पुष्पांजलि पुरी एक बग्घी में सवार थी। कथा के मुख्य यजमान पंडित प्रदीप शर्मा महापुराण को सिर पर धारण किए चल रहे थे। कलश यात्रा में डीजे पर धार्मिक गीत बज रहे थे तथा युवा ध्वजा पताका लिए हुए जयकारे लगा रहे थे। आगे घोड़े नृत्य करते जा रहे थे। कलश यात्रा शिवालय मंदिर से होती हुई, गंज बाजार, बस स्टैंड चौकी क्षेत्र, रघुनाथ जी मंदिर, देवरी मोहल्ला बड़ी माता मंदिर आदि जगहों से गुजरती हुई कार्यक्रम स्थल पर संपन्न हुई।
महायज्ञ के दौरान श्रीमद् देवी भागवत महापुराण की कथा के महत्व का वर्णन करते हुए परम पूज्या बाल साध्वी महामंडलेश्वर पुष्पांजली पुरी हरिद्वार ने कहा कि पुण्यों के उदय होने से कथा सुनने का सौभाग्य मिलता है। जो फल यज्ञ, तीर्थ यात्रा, दान, व्रत आदि से मिलता है। वही फल केवल श्रीमद् देवी भागवत महापुराण की कथा सुनने से प्राप्त होता है। श्रीमद् देवी भागवत कथा दैहिक दैविक भौतिक त्रिविध तापों को नाश कर चारों फल अर्थ धर्म काम मोक्ष को प्रदान करती है। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख भारती आर्य, डॉक्टर बीपी सिंह परिहार, गोविंद सिंह तोमर, ओमप्रकाश गुप्ता, गोविंद दास आर्य पूर्व अध्यक्ष, ठाकुरदास बाबूजी, मुकेश राय, राजाराम कुशवाहा, संतोष सेन, बुलाखी चुरारया आदि उपस्थित रहे।
