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श्रीमद्भागवत कथा में भक्ति चरित्र और धुंधकारी उद्धार प्रसंग सुन श्रद्धालु हुए भावविभोर।

श्रीमद्भागवत कथा में भक्ति चरित्र और धुंधकारी उद्धार प्रसंग सुन श्रद्धालु हुए भावविभोर।

मोंठ = मोंठ के ग्राम जौरा स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ एवं अमृत कथा के दूसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। कथा व्यास पंडित प्रभु दयाल शास्त्री (दतिया) ने भक्ति चरित्र एवं धुंधकारी उद्धार प्रसंग का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। कथा सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा पंडाल भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।
कथा व्यास ने कहा कि भक्ति ही वह शक्ति है, जो मनुष्य को ईश्वर से जोड़ती है। जब व्यक्ति सच्चे मन से भगवान का स्मरण करता है तो उसके जीवन के सभी कष्ट दूर होने लगते हैं। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य ज्ञान है।
धुंधकारी प्रसंग का वर्णन करते हुए शास्त्री ने कहा कि पापमय जीवन जीने वाले धुंधकारी को भी श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से मुक्ति प्राप्त हुई। यह प्रसंग बताता है कि यदि व्यक्ति श्रद्धा और विश्वास के साथ कथा श्रवण करे तो उसके जीवन के दोष दूर हो जाते हैं और आत्मा का कल्याण होता है।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन कर भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की। मुख्य यजमान श्रीमती अभिलाषा पत्नी छबिराम मुदगिल तथा समस्त मुदगिल परिवार ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से सायं 7 बजे तक आयोजित की जा रही है। आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्मलाभ लेने की अपील की है। इस मौके पर उपासना ध्रुव मुदगिल, महेश मुदगिल, विनोद महाराज, दिलीप मुदगिल, अरविंद बुंदेला, अजमेर यादव, सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

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