मोंठ वन प्रभाग में वृक्षारोपण स्थलों का निरीक्षण, तकनीकी विशेषज्ञ टीम ने परखी गुणवत्ता
मोंठ = पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नामित भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (भा.वा.अ.शि.प.) के पारिस्थितिक पुनर्स्थापन केन्द्र, प्रयागराज की तकनीकी विशेषज्ञ टीम ने बुधवार को मोंठ वन क्षेत्र के के ग्राम सिलारी एवं पनारी में रैंडम आधार पर चयनित वृक्षारोपण स्थलों का निरीक्षण किया ।टीम ने सिलारी (त्रिवेणी वन) एवं पनारी वन ब्लॉक में कराए गए वृक्षारोपण कार्यों की प्रगति, पौधों की जीवितता, संरक्षण व्यवस्था तथा रखरखाव की स्थिति का जायजा लिया। विशेषज्ञों ने स्थलों पर पौधरोपण की गुणवत्ता, पौधों की वृद्धि तथा सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का बारीकी से परीक्षण किया। साथ ही स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार पौधों के बेहतर संरक्षण एवं संवर्धन के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए।
तकनीकी विशेषज्ञ टीम के टीम लीडर अंकुर श्रीवास्तव के साथ सत्यव्रत सिंह, शशि प्रकाश, छोटू कुमार यादव एवं सुरेश यादव ने बारीकी से स्थलीय परीक्षण किया।
टीम लीडर अंकुर श्रीवास्तव ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण, सिंचाई, निगरानी और दीर्घकालिक देखरेख पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है। सफल वृक्षारोपण से पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप हरित क्षेत्र बढ़ाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। निरीक्षण से वृक्षारोपण कार्यों की गुणवत्ता में और सुधार आएगा। इस मौके पर क्षेत्रीय वन अधिकारी राम अवतार सिंह, उप क्षेत्रीय वन अधिकारी संदीप सिंह, सहित समस्त वन कर्मी मौजूद रहे।
