अयोध्या धाम में रामकोट परिक्रमा, गुरुदेव वैदेही बल्लभ शरण महाराज के सानिध्य में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब।
मोंठ। धर्म नगरी अयोध्या में शनिवार को सनातन धर्मप्रेमियों और श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत पावन एवं भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। परम पूज्य गुरुदेव महंत वैदेही बल्लभ शरण महाराज के पावन सानिध्य में श्री राम जन्मभूमि रामकोट की भव्य परिक्रमा हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई।
प्रातःकाल वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच परिक्रमा का शुभारंभ हुआ। गुरुदेव महंत श्री वैदेही बल्लभ शरण महाराज जी के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने “जय श्रीराम” के उद्घोष के साथ परिक्रमा प्रारंभ की। गुरुदेव के आशीर्वाद से पूरा वातावरण राममय हो उठा और श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर दिखाई दिए।
इस पावन परिक्रमा में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं, साधु-संतों और स्थानीय भक्तों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। बुजुर्ग, युवा एवं महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं। सभी श्रद्धालुओं के हृदय में प्रभु श्रीराम के प्रति गहरी आस्था और भक्ति स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
परम पूज्य महंत श्री वैदेही बल्लभ शरण महाराज जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि “अयोध्या केवल एक नगरी नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और आस्था का केंद्र है। भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन से हमें धर्म, मर्यादा और मानवता की प्रेरणा मिलती है। रामकोट परिक्रमा से आत्मिक शांति प्राप्त होती है तथा समाज में प्रेम, भाईचारा और धर्म के प्रति समर्पण की भावना मजबूत होती है।”
कार्यक्रम के दौरान आचार्य ब्रह्मजीत द्विवेदी ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या धाम में आयोजित इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करते हैं और सनातन संस्कृति को मजबूत बनाने का कार्य करते हैं।
भारी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरी अयोध्या नगरी भक्तिमय वातावरण में डूबी नजर आई। जगह-जगह भजन-कीर्तन और जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण गुंजायमान रहा।
