हैंडपंप दबने से बढ़ी पेयजल समस्या, नियमों की अनदेखी से ग्रामीण परेशान।
मोंठ = तहसील मोंठ के ग्राम भरोसा में विकास कार्यों में लापरवाही का मामला सामने आया है। गांव स्थित आयुष्मान आरोग्य उपकेंद्र परिसर में ग्राम निधि से कराए गए सड़क निर्माण के दौरान मानकों की अनदेखी किए जाने से सरकारी हैंडपंप दब गया, जिससे ग्रामीणों के सामने पेयजल संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान पुरानी सड़क या सतह को हटाए बिना सीधे नई सड़क डाल दी गई। इससे सड़क की ऊंचाई बढ़ गई और परिसर में लगा सरकारी हैंडपंप सड़क की सतह से नीचे दब गया। अब हैंडपंप उपयोग के लायक नहीं बचा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह हैंडपंप आसपास के कई परिवारों के लिए पेयजल का प्रमुख स्रोत था। इसके बंद हो जाने से लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए पहले पुरानी सतह को खोदकर समतल किया जाना चाहिए, इसके बाद नई सड़क बनाई जाती है, लेकिन यहां ठेकेदार ने सीधे पुरानी सड़क के ऊपर निर्माण करा दिया। इससे न केवल हैंडपंप दब गया, बल्कि सड़क की ऊंचाई बढ़ने से बरसात के दिनों में पानी घरों में भरने की आशंका भी बढ़ गई है।
ग्राम निवासी सरवन बुधौलिया, अंकित, सुमित और आशु ने बताया कि कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और दबे हुए हैंडपंप को दोबारा चालू कराया जाए, ताकि लोगों को पेयजल संकट से राहत मिल सके।
खंड विकास अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि मामला अभी संज्ञान में नहीं है। यदि सरकारी हैंडपंप दबाया गया है तो जांच कराई जाएगी और हैंडपंप को ठीक कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनके पास अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं आई है।
