
मोंठ–कस्बा के श्री शीतला धाम प्रांगण में चल रही श्री रामकथा के विश्राम दिवस पर पूज्य महाराज जी ने अरण्यकांड की कथा का वर्णन किया।
मोंठ–कस्बा के श्री शीतला धाम प्रांगण में चल रही श्री रामकथा के विश्राम दिवस नवम दिवस पर पूज्य महाराज जी ने अरण्यकांड की कथा प्रारम्भ किया एवं जयंत के मानभंग की कथा सुनाई नारद जी के समझाने पर वह भगवान के पास आकर क्षमा मांगी है और भगवान ने उसे क्षमा किया है,यह से प्रभु







