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अंगदान व देहदान की मिसाल बने शिक्षक दंपति

मोंठ।
समाज में मानवता और सेवा का संदेश देने वाले उदाहरण कम ही देखने को मिलते हैं, लेकिन कुछ लोग अपने कार्यों से दूसरों के लिए प्रेरणा बन जाते हैं। ऐसे ही प्रेरणादायक व्यक्तित्व हैं जनपद जालौन के कोंच नगर के मूल निवासी लोकेंद्र प्रताप सिंह, जो जनपद सिद्धार्थनगर के खरदेवरी विद्यालय, ब्लॉक खुनियांव में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्नी डॉ पिंकी सिंह, झांसी के डॉ राम मनोहर लोहिया महिला पीजी कॉलेज, गुरसराय झांसी में प्राचार्य हैं।

दोनों दंपति ने अंगदान का संकल्प लेकर समाज के सामने एक मिसाल पेश की है। नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (NOTTO) जो कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन संगठन है के माध्यम से जारी प्रमाणपत्र के अनुसार, उन्होंने अपने लिवर, हार्ट, किडनी, फेफड़े सहित अन्य अंगों और कॉर्निया को दान करने की स्वीकृति दी है। उनका यह निर्णय न केवल जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायी साबित होगा, बल्कि समाज में जागरूकता भी बढ़ाएगा।
देहदान का संकल्प चिकित्सा एवं शोध कार्यों मैं भी सहायक सिद्ध होगा ।विशेषज्ञों का मानना है कि एक व्यक्ति के समय रहते अंगदान और सफल प्रत्यारोपण करने से कई व्यक्तियों को जीवन मिल सकता है।इस तरह के निर्णय समाज मैं फैली हुई भ्रांतियों को दूर करने मैं अहम भूमिका निभाते हैं।शिक्षक दंपति की यह पहल समाज के लिए प्रेरणास्रोत है ।इससे लोगों मैं जागरूकता बढ़ेगी और अन्य लोग भी इस पुनीत कार्य मैं सहभागी बनेंगे।

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