Home » Uncategorized » कुम्हरार में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन ध्रुव चरित्र का वर्णन।

कुम्हरार में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन ध्रुव चरित्र का वर्णन।

कुम्हरार में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन ध्रुव चरित्र का वर्णन।

मोंठ : क्षेत्र के निकटवर्ती ग्राम कुम्हरार स्थित श्री हनुमान जी मंदिर परिसर में चल रहे श्री श्री 1008 पंचकुंडीय श्रीराम महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास श्याम जी भैया ने ध्रुव चरित्र की प्रेरणादायक कथा का विस्तार से वर्णन किया। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
कथा व्यास ने बताया कि बालक ध्रुव ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अटूट भक्ति और दृढ़ संकल्प से भगवान विष्णु को प्रसन्न किया और अमर पद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि ध्रुव चरित्र हमें सिखाता है कि जीवन में धैर्य, तपस्या और सच्ची भक्ति से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। उन्होंने माता-पिता के सम्मान और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास का महत्व भी बताया।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कथा श्रवण किया। महिलाओं और पुरुषों की बड़ी संख्या कथा स्थल पर उपस्थित रही। पूरा वातावरण भक्ति गीतों और जयकारों से गूंजता रहा।
परीक्षित श्री मति सोनी उर्विदत्त उपाध्याय ने आरती की। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का लाभ लेने की अपील की। इस मौके पर अनूप दीबौलिया, राजू उपाध्याय, जागेश्वर साहू, साहब सिंह परमार, शशिकांत उपाध्याय, विनय समाधियां सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

58 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *