जूनियर क्लर्क भर्ती घोटाला: मोंठ के तीन युवक एसटीएफ की गिरफ्त में, दो और पकड़े । क्षेत्र में मची खलबली
मोंठ। जूनियर क्लर्क भर्ती परीक्षा में सामने आए फर्जीवाड़े ने मोंठ क्षेत्र को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है। एसटीएफ लखनऊ द्वारा पकड़े गए नौ आरोपियों में मोंठ के तीन युवकों के शामिल होने की जानकारी सामने आते ही कस्बे में खलबली मच गई। चर्चा है कि बृहस्पतिवार को भी एसटीएफ की टीम में कस्बा से दो लोगों को हिरासत में दिया है लेकिन स्थानीय स्तर पर पुलिस ने कोई व्यान नहीं दिया है
सूत्रों के अनुसार, इस गिरोह का काम बेहद सुनियोजित तरीके से संचालित होता था। गिरोह अभ्यर्थियों को पास कराने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलता था। खास बात यह है कि गिरोह फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र तैयार करवाता था और अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाता था कि ये सर्टिफिकेट पूरी तरह सही और ओरिजिनल हैं, जिससे उन्हें किसी प्रकार की जांच में परेशानी नहीं होगी।
इसके बाद आवेदन प्रक्रिया में अभ्यर्थियों को दिव्यांग श्रेणी में दर्शाया जाता था और परीक्षा के दौरान उनकी जगह सॉल्वर बैठाकर प्रश्नपत्र हल कराया जाता था। इस पूरे खेल में तकनीकी साधनों और संपर्कों का भी इस्तेमाल किया जाता था।
मामले के खुलासे के बाद मोंठ क्षेत्र में दिनभर चर्चाओं का दौर चलता रहा। स्थानीय पुलिस भी सतर्क हो गई है और आरोपियों के संबंध में क्षेत्र में गहन जांच-पड़ताल की जा रही है। उनके संपर्कों और गतिविधियों को खंगाला जा रहा है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।
