शीतला धाम में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा, भक्ति में डूबा धवार क्षेत्र
मोंठ। निकटवर्ती ऐतिहासिक धार्मिक स्थल धवार स्थित माता शीतला धाम मंदिर परिसर में चल रहे 111 श्री शतचंडी महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की पावन कथा का श्रद्धापूर्वक वर्णन किया गया। कथा के दौरान पूरा परिसर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत नजर आया।
शीतला धाम परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास रवि महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण की सुंदर और भावपूर्ण कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब परमात्मा धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए अवतार लेते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भी इसी उद्देश्य से हुआ, जिससे समाज में धर्म, सत्य और न्याय की पुनर्स्थापना हो सके तथा भक्तों का कल्याण सुनिश्चित हो।
कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर श्रीकृष्ण जन्म की लीलाओं का श्रवण करते रहे। वातावरण “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” जैसे जयकारों से गूंज उठा, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत कथा परीक्षित रामकुमारी संतराम द्वारा विधि-विधान से आरती की गई। वहीं यज्ञ के क्रम में करुणा राघवेंद्र सिंह तोमर ने यज्ञ भगवान एवं हवन कुंड की विधिवत आरती संपन्न कराई। श्रद्धालुओं ने हवन में आहुति देकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
आयोजन के संयोजक महंत विकास गिरी खड़ेश्वरी महाराज ने बताया कि 111 श्री शतचंडी महायज्ञ के अंतर्गत प्रतिदिन प्रातःकाल वेदियों का पूजन किया जाता है, जबकि सायंकाल 4 बजे से 7 बजे तक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन कराया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।
संत गीतानंद गिरी जी महाराज सवा लाख रुद्राक्ष धारी पंजाब ने कार्यक्रम में पहुंचकर लोगों को आशीर्वाद दिया।
गीतानंद जी महाराज अपने सिर पर सवा लाख रुद्राक्ष की माला धारण किए हुए हैं वह पूरे कार्यक्रम में आकर्षक और श्रद्धा का केंद्र बने हुए है।
इस मोके पर राजेंद्र नायक, प्रधान प्रतिनिधि परेश चचोधिया, अशोक श्रीवास्तव, मुन्ना समाधिया, जागेश्वर राजपूत, ओमप्रकाश राजपूत शिवराज सिंह सेंगर ,अखिलेश कुशवाहा, ध्रुव दांगी, सोनू पाल कन्हैयालाल ,कमल सिंह सेंगर आदि अनेक लोग मौजूद रहे।। कार्यक्रम का संचालन महेंद्र पुजारी द्वारा किया गया।
धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला और पुरूष श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और श्री शतचंडी हवन वेदी की परिक्रमा कर रहे हैं। ।
