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खेतों में मधुमक्खियों का हमला, आधा दर्जन से अधिक किसान घायल; तहसील क्षेत्र में कई स्थानों पर बड़े छत्ते बने चिंता का कारण

खेतों में मधुमक्खियों का हमला, आधा दर्जन से अधिक किसान घायल; तहसील क्षेत्र में कई स्थानों पर बड़े छत्ते बने चिंता का कारण

मोंठ। तहसील मोंठ अंतर्गत ग्राम कुम्हरार में शनिवार शाम खेतों में काम कर रहे किसानों पर अचानक मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घटना में आधा दर्जन से अधिक किसान घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए मोंठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार गांव के किसान शाम के समय नियमित कृषि कार्य में जुटे थे। इसी दौरान खेत के किनारे एक पेड़ पर बने मधुमक्खियों के छत्ते में किसी कारणवश हलचल हो गई। आशंका जताई जा रही है कि तेज आवाज या आसपास की गतिविधि से मधुमक्खियां आक्रामक हो उठीं और झुंड बनाकर किसानों पर टूट पड़ीं। अचानक हुए हमले से ग्रामीण संभल नहीं सके और कई लोगों को शरीर के विभिन्न हिस्सों में मधुमक्खियों के डंक लग गए।

घटना में श्रीप्रकाश सविता, राकेश परिहार, महेंद्र परिहार, आलोक चौरसिया, रामप्रसाद चौरसिया और गौरव सविता सहित अन्य किसान घायल हुए। परिजनों और ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और तत्काल अस्पताल ले गए। अस्पताल में डॉ. सुनील तिवारी ने बताया कि सभी घायलों को शरीर के अलग-अलग हिस्सों में कई डंक लगे हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार है और फिलहाल सभी मरीज खतरे से बाहर हैं।

घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसील क्षेत्र में कई स्थानों पर मधुमक्खियों के बड़े-बड़े छत्ते लगे हुए हैं, जो कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकते हैं। कस्बा मोंठ स्थित कोतवाली परिसर और नवीन तहसील भवन के अंदर भी मधुमक्खियों के बड़े आकार के छत्ते बने हुए हैं। इन स्थानों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में फरियादी, कर्मचारी और आमजन का आवागमन रहता है। ऐसे में यदि मधुमक्खियां आक्रामक हो जाएं तो बड़ा हादसा हो सकता है।

ग्रामीणों और कस्बावासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सार्वजनिक स्थलों और खेतों के आसपास बने मधुमक्खियों के छत्तों को सुरक्षित तरीके से हटवाया जाए। साथ ही संबंधित विभाग को नियमित निरीक्षण कर संभावित खतरे वाले स्थानों को चिन्हित करने की भी आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और जनहानि से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।

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