क्यूआर कोड स्कैन कर 20 हजार की ठगी, संचालक ने तीन घंटे बाद युवक को दबोचा
मोंठ (झांसी)। कस्बा मोंठ के बस स्टैंड मोड़ स्थित एक बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र पर शुक्रवार को क्यूआर कोड के जरिए 20 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया। हालांकि संचालक की सतर्कता और खोजबीन के चलते आरोपी युवक को पकड़ लिया गया और उससे पूरी रकम वापस करा ली गई। घटना के बाद बाजार में दुकानदारों में सतर्कता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार बस स्टैंड मोंठ पर स्थित एक बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र पर दोपहर के समय एक अज्ञात युवक पहुंचा। उसने संचालक से कहा कि उसे 20 हजार रुपये ट्रांसफर करवाने हैं। युवक ने अपने मोबाइल में मौजूद फोनपे का क्यूआर कोड दिखाते हुए रकम ट्रांसफर करने को कहा। कहां की उसके पास धनराशि नगर है लेकिन उसे फोन पर से किसी को भेजनी है इसलिए वह उसके फोन पे में पैसे डाल दे। वह संचालक को नगद ₹20000 देने की बात कहने लगा। संचालक ने युवक के बताए अनुसार क्यूआर कोड स्कैन कर 20 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
रकम ट्रांसफर होने के बाद युवक ने कुछ देर इंतजार करने की बात कही, लेकिन इसी दौरान मौका मिलते ही युवक वहां से रफूचक्कर हो गया। काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटा तो संचालक को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने आसपास युवक की तलाश शुरू की और सीसीटीवी फुटेज खंगाली। करीब तीन से चार घंटे की भागदौड़ और खोजबीन के बाद युवक को बाजार क्षेत्र में पहचान लिया गया।
संचालक ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले करने की चेतावनी दी तो युवक घबरा गया। बताया जाता है कि युवक का नाम विवेक है ओर ग्रामीण क्षेत्र का निवासी है। दबाव बढ़ने पर उसने तत्काल 20 हजार रुपये वापस कर दिए। इसके बाद मामला आपसी स्तर पर निपट गया।
घटना के बाद बाजार में इस तरह की डिजिटल ठगी को लेकर चर्चा बनी रही। दुकानदारों का कहना है कि दुकानदारी विश्वास पर चलती है, लेकिन इस प्रकार की घटनाएं भरोसे को चोट पहुंचाती हैं। उन्होंने कहा कि अब बिना पूरी पुष्टि के किसी भी क्यूआर कोड या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर भरोसा नहीं किया जाएगा।
