मोंठ। तहसील मोंठ में शासन की प्राथमिकता वाली फॉर्मर रजिस्ट्री योजना को गति देने के लिए प्रभारी एसडीएम गौरव आर्य ने लेखपालों, राजस्व निरीक्षकों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में एसडीएम ने कहा कि फॉर्मर रजिस्ट्री योजना किसानों के हितों से सीधे जुड़ी है। इसके माध्यम से किसानों का डाटा डिजिटल रूप में संकलित किया जा रहा है, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से मिल सके। उन्होंने लेखपालों को निर्देशित किया कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को योजना की जानकारी दें और अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण कराएं।
उन्होंने बताया कि 19 फरवरी को करीब 75 किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री की गई है। प्रत्येक दिन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और उसी के अनुरूप कार्य प्रगति पर है। तहसील परिसर में भी एक विशेष काउंटर खोला गया है, जहां प्रतिदिन किसानों को जागरूक कर उनकी फॉर्मर रजिस्ट्री की जा रही है।
एसडीएम गौरव आर्य ने सीनियर मार्केटिंग इंस्पेक्टर चंद्रपाल राजपूत, कृषि विभाग के अधिकारियों, लेखपालों, कानूनगो तथा जन सेवा केंद्र संचालकों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें और किसानों को इस योजना के लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दें। जन सेवा केंद्रों पर किसान स्वयं जाकर आवश्यक दस्तावेज जमा कर फॉर्मर रजिस्ट्री करवा सकते हैं।
उन्होंने निर्देश दिए कि गांवों में कैंप लगाकर पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया जाए। साथ ही किसानों को पहले से ही आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। राजस्व निरीक्षकों को नियमित मॉनिटरिंग करने और प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट तहसील स्तर पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे समय-समय पर कार्य की समीक्षा की जा सके।
अंत में एसडीएम ने कहा कि शासन की योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। बैठक में तहसील के समस्त लेखपाल एवं राजस्व विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
