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मोंठ–मून इण्टरनेशनल पब्लिक स्कूल भुजोंद में कक्षा 12 वीं के छात्र छात्राओं का विदाई समारोह हर्षोल्लास से सम्पन्न हुआ। मोंठ–दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज, आमखेरा रोड पर UDEESHA 2026 के अंतर्गत भव्य वार्षिक उत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन बड़े हर्षोल्लास के साथ किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मोंठ। थाना मोंठ ग्राम बम्हरौली निवासी हेमंत अहिरवार ने जहर निगल लिया जिसमें उसकी मौत गई। मृतक की पत्नी ने कस्बा मोंठ के दो लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला पंजीकृत कराया है। मोंठ:  कस्बा स्थित प्रसिद्ध शिव धाम मंदिर परिसर में सोमवार की देर शाम भक्ति और श्रद्धा से ओतप्रोत भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। मोंठ कोतवाली पहुंचे सीओ अजय श्रोतिय, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश।
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बेटियां ही घर की लक्ष्मी होती है जब बेटी विदा होती है कठोर से कठोर दिल पिता को ही करना पड़ता है क्योंकि पिता और बेटी का रिश्ता संसार में सबसे पवित्र है–कथा व्यास शान्तनु महाराज

बेटियां ही घर की लक्ष्मी होती है जब बेटी विदा होती है कठोर से कठोर दिल पिता को ही करना पड़ता है क्योंकि पिता और बेटी का रिश्ता संसार में सबसे पवित्र है–कथा व्यास शान्तनु महाराज

मोंठ–कस्बा के श्री शीतला माता मंदिर प्रांगण में चल रही श्री राम कथा में भगवान श्री राम एवं माँ सीता के विवाह भगवान परशुराम संवाद एवं माँ सीता की विदाई की सुंदर कथा का वर्णन किया गया।कथा व्यास शांतुन महाराज ने गुरुदेव विश्वामित्र जी के साथ भगवान राम और लक्ष्मण जनकपुर में प्रवेश किए हैं जनकपुर क्या है जनकपुरी विशेष प्रकार का नगर है जिसमें साक्षात भक्ति महारानी बैठी और भगवान भक्ति को प्राप्त करने के लिए जा रहे हैं इसलिए जब भी जीवन में भक्ति अध्यात्म की यात्रा करनी हो तो गुरु का सानिध्य में चाहिए भगवान राम और लक्ष्मण जनकपुर भ्रमण के लिए गुरु की आज्ञा से चले और इनके इस रूप को देखकर पूरे जनकपुर में शोर हो गया भगवान ने सब को दर्शन देकर आनंदित किया पुष्प वाटिका के श्रृंगारिक प्रसंग को सुनाते हुए महाराज जी ने कहा पुष्पवाटिका वह स्थल है जहां पर भगवान और भक्ति का पहली बार मिलन हुआ जिनको भी भगवान का दर्शन करना है उनको बाग में आना ही पड़ेगा और बाग मानस में संतों की सभा को कहा है महाराज जी ने बताया कि भगवान और जानकी जी दोनों की अवस्था किशोरावस्था है और यह अवस्था जीवन की सबसे महत्वपूर्ण और सबसे खतरनाक होता है इसलिए यह अवस्था सुधरे सदी रहे इसके लिए बालकों को गुरु पूजा एवं बालिकाओं को गौरी पूजा करना चाहिए गुरु यानी क्या गुरु यानी शुभ मर्यादा आज्ञाकारीता आदि ऐसे गुणवाचक शब्द जो भी हैं और गौरी अनी गुणों की खान वह पत्थर की प्रतिमा नहीं अपितु गौरी रानी गरिमा महिमा वात्सल्य करूना दया आदि रंगभूमि जब भगवान का प्रवेश हुआ तो सभी राजा अपनी अपनी भावना के अनुसार भगवान का दर्शन करने लगे धनुष यज्ञ के प्रसंग में महाराज जी ने कहा बहुत सारे राजाओं ने धनुष को तोड़ने का प्रयत्न किया लेकिन किसी से नहीं टूटा क्योंकि यह सभी ए राजा मोर थे और भगवान धनुष को क्षण भर में भी तोड़ दिए क्योंकि धनुष अहंकार का प्रतीक होता है और भगवान क्षणभर से कम में तोड़ देते हैं और भगवान के द्वारा धनुष टूटते ही सारे जग में शोर हो गया खुशियां मनाई जाने लगी और मानव धनुष टूटने के साथ ही भगवान का विवाह पूर्ण हो गया लक्ष्मण परशुराम संवाद को भी महाराज जी ने सुनाया अयोध्या से बारात आई और भगवान का सुंदर विवाह महाराज जनक के आंगन में हुआ आज भगवान और भक्ति का मिलन हो गया और सखियों ने मंगल गीत गाकर बधाई दी महाराज जी ने जानकी जी के विदाई के प्रसंग में कहा कि बेटियां ही घर की लक्ष्मी होती है जब बेटी विदा होती है कठोर से कठोर दिल पिता को ही करना पड़ता है क्यों क्योंकि पिता और बेटी का रिश्ता संसार में सबसे पवित्र है बाप बेटी से ही अपने मन की बात तथा बेटी बाप से ही अपने मन की बात करती है।कथा पारीक्षत भगत सिंह पानकुँअर ने आरती की कार्यक्रम का संचालन गोविंद सिसोदिया ने किया।
–कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महंत वैदेही शरण महाराज अयोध्या धाम ने उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम केवल एक राजा नहीं, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम थे, जिनका संपूर्ण जीवन मानवता के लिए आदर्श है। श्रीराम ने हर परिस्थिति में मर्यादा, सत्य और धर्म का पालन किया। उन्होंने पिता की आज्ञा के लिए राजपाट त्याग दिया, वनवास स्वीकार किया और समाज को त्याग व कर्तव्य का मार्ग दिखाया। महाराज जी ने कहा कि आज के समय में जब समाज नैतिक मूल्यों से दूर होता जा रहा है, तब प्रभु श्रीराम के आदर्श हमें सही दिशा प्रदान करते हैं। राम कथा हमें सिखाती है कि मर्यादा में रहकर भी जीवन को महान बनाया जा सकता है।
–कार्यक्रम के आयोजक कुँअर प्रतिपाल सिंह रामजी परिहार ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया उन्होंने कहा कि श्री राम कथा केवल कथा श्रवण का अवसर नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और आत्मशुद्धि का पर्व है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन हमें धैर्य, करुणा और कर्तव्य का पाठ पढ़ाता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में राम कथा मन को स्थिर करती है और संस्कारों से जोड़ती है। रामजी परिहार ने कहा कि संतों का सान्निध्य दुर्लभ सौभाग्य होता है और इससे जीवन धन्य हो जाता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं, सेवाभावी साथियों और कथा प्रेमियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम
–श्री रामकथा में महंत छारद्वारी महाराज ओरछा धाम,महंत प्रवीण दास अमरा,योगेश प्रताप सिंह पूर्व मंत्री बेसिक शिक्षा,गरौठा विद्यायक जवाहरलाल राजपूत ,झाँसी सदर विधायक रवि शर्मा,अरुण सिंह प्रचारक,नवल पूर्व प्रान्त प्रचारक. मुनीश सह प्रान्त प्रचारक. अजय प्रचारक आरएसएस. कुलदीप विश्कर्मा सदस्य पिछड़ा वर्ग आयोग,महानगर अध्यक्ष सुधीर सिंह,विधायक रश्मि आर्या,गौरीशंकर वर्मा विधायक,विधायक मूलचंद पटेल,प्रवीण सिंह बांदा,कैलाश साहू पूर्व विधायक,डॉ नरेंद्र सिंह सेंगर,गुड्डी रानी पटेल,नगर पंचायत अध्यक्ष मीरा गुसाँई,नगर पालिका अध्यक्ष जयपाल चौहान, शिवेंद्र प्रताप सिंह शैली,कपिल मुदगिल,रमाकान्त राजपूत,रामकुमार यादव,अशोक परिहार,वीरेंद्र सिंह जू देव. वीरू यादव. मुन्ना महाराज. अमित चिरवरिया. देवेश पालीवाल.डॉ योगेश त्रिपाठी,महिपत परिहार,पुष्पेंद्र दुबे, आशीष खरे,आर.के. यादव अयोध्या सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

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मोंठ–दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज, आमखेरा रोड पर UDEESHA 2026 के अंतर्गत भव्य वार्षिक उत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन बड़े हर्षोल्लास के साथ किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

मोंठ। थाना मोंठ ग्राम बम्हरौली निवासी हेमंत अहिरवार ने जहर निगल लिया जिसमें उसकी मौत गई। मृतक की पत्नी ने कस्बा मोंठ के दो लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला पंजीकृत कराया है।