


भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन त्याग, सेवा और मर्यादा का आदर्श है–शांतनु महाराज
मोंठ–कस्बा के श्री शीतला धाम प्रांगण श्रीराम कथा के द्वितीय दिवस पर पूज्य आचार्य शांतनु जी महाराज ने कहा कि इस धरा धाम पर जब जब असुरों के अत्याचार बढ़ते है तब तब प्रभु अवतार लेकर भक्तो को उनके संताप से मुक्त करते है
महाराज जी ने कहा कि भगवान की सगुन लीलाओं को भक्ति व विश्वास से सुनना चाहिए इसमे तर्क का कोई स्थान नही है
भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव की कथा के क्रम में पूज्य श्री ने प्रभु के जन्म के अनेक कारणों को सुनाया भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन त्याग, सेवा और मर्यादा का आदर्श है। उन्होंने बताया कि रामकथा मनुष्य को सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है और परिवार व समाज में संस्कारों की स्थापना करती है। शांतुन महाराज ने कहा कि श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारने से ही मानव जीवन सार्थक बनता है भगवान की ये घोषणा है कि जो भी भक्त सब कुछ त्याग कर उनका भजन करते है प्रभु उनकी रक्षा उसी प्रकार करते है जैसे माँ अपने बच्चे की रक्षा करती है,मनु एवं शतरूपा जी के प्रसंग को सुनाते हुए महाराज जी ने कहा कि मनु महाराज ने जीवन के अंतिम समय मे सब कुछ त्याग कर हरि भजन का मार्ग चुना हम सब का भी यही दायित्व है कि अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह करते हुए भगवान के भजन में मन लगाए
देवताओ की करुण पुकार को सुनकर भगवान ने सबको आश्वासन दिया कि मैं अब नर रूप में धरती पर अवतरित होने वाला हु सभी देवता प्रभु की जयजयकार करने लगे
गोस्वामी जी ने अयोध्या की महिमा को गया है सम्पूर्ण अयोध्यावासी भगवान की आराधना कर रहे है और गोस्वामी जी ने भगवान के जन्म की तिथि घोषित कर दी
पूरे अयोध्या में बधाईया बजने लगी दसरथ जी मगन होकर प्रजाजनों को न्योछावर करने लगे
और पूरा वातावरण राममय हो गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महंत वैदेही शरण महाराज अयोध्या धाम कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा और त्याग का अनुपम उदाहरण है। श्रीराम की कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को संस्कार, संयम और सेवा का मार्ग दिखाने वाली जीवन-शैली है। उन्होंने कहा कि आज के युग में श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर ही राष्ट्र और समाज का कल्याण संभव है।“श्री राम कथा के आयोजक रामजी परिहार ने कहा कि यह आयोजन समाज में धर्म, संस्कार और सद्भावना के प्रसार के उद्देश्य से किया गया है। भगवान श्रीराम की कथा के माध्यम से युवा पीढ़ी को मर्यादा, कर्तव्य और आदर्श जीवन का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की।इस मौके पर धौलपुर की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया एवं समथर के राजा स्व: रणजीत सिंह जू देव के नाती युवराज विनायक प्रताप सिंह,महंत केशव दास महाराज,महंत राजीव लोचन,कपिल मुदगिल,सुरेश दुबे,डॉ यगेश त्रिपाठी,रवि पाल,रमेश मौर्य,अखलेश पिपरैया,दीपेंद्र परिहार,अखलेश तिवारी,डॉ राजा बुंदेला,दीपेंद्र पटेल,राजेश सेंगर,गजराज यादव,प्रमोद तिवारी,कुलदीप ठाकुर,प्रवीण जैन,पुष्पेंद्र भदौरिया सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
