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मोंठ में फर्म मालिक से लाखों की धोखाधड़ी, सीए सहित एक पर मुकदमा दर्ज। जूते चप्पल के पंजीकरण की फर्म बदलकर सीमेंट सरिया के 94 लाख से अधिक बिल काटे, पीड़ित फर्म संचालक परेशान है।

मोंठ : कस्बे में एक फर्म मालिक के साथ गंभीर आर्थिक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित फर्म मालिक ने अपनी ही फर्म के चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मोंठ कोतवाली में लिखित तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि सीए ने विश्वास का गलत फायदा उठाते हुए फर्म का नाम बदलकर लाखों रुपये के फर्जी बिल काट दिए और जीएसटी प्रणाली का दुरुपयोग किया।
फर्म मालिक कमलेश सिंधी ने पुलिस को बताया कि उसकी कस्बा में फुटवियर की दुकान है। उसने जीएसटी का पंजीकरण वर्ष 2022 में कराया था।फर्म का संपूर्ण लेखा-जोखा और जीएसटी रिटर्न भरने की जिम्मेदारी उसके सीए प्रकाश रोहरा निवासी बीना सागर मध्य प्रदेश के पास थी। जीएसटी पोर्टल पर रिटर्न दाखिल करने और अन्य औपचारिकताओं के लिए सीए अक्सर उससे मोबाइल पर आने वाला ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) लेता रहता था। फर्म मालिक को इस पर कोई शक नहीं हुआ क्योंकि वह सीए पर पूरा भरोसा करता था और उसे लगा कि यह प्रक्रिया सामान्य है। उसकी फर्म का नाम मैसर्स कमलेश फुटवियर पता नियर धनुषधारी मंदिर मोंठ था।
आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर सीए ने फर्म के नाम में हेरफेर कर दी और फर्जी तरीके कमलेश ट्रेडर्स कर दिया। साथ ही 94 लाख से अधिक के बिल जारी कर दिए। इन बिलों के माध्यम से बड़े पैमाने पर लेन-देन दिखाया गया, जिसकी जानकारी फर्म मालिक को काफी समय तक नहीं हो सकी। जब जीएसटी से जुड़े कुछ नोटिस और लेन-देन की जानकारी सामने आई, तब जाकर उसे पूरे मामले की भनक लगी।
पीड़ित के अनुसार जब उसने दस्तावेजों और जीएसटी पोर्टल की गहन जांच की तो उसके होश उड़ गए। फर्म के आईडी और पासवर्ड सीए के पास ही उपलब्ध रहते थे। जिससे वह उसका कार्य करता था। सीए ने फर्म के नाम पर ऐसे-ऐसे बिल और ट्रांजैक्शन दर्ज पाए गए, जिनका उसकी जानकारी या अनुमति से कोई लेना-देना नहीं था। सीमेंट,सरिया, के बिल चढ़े हुए हैं।उसे आशंका है कि इस पूरे खेल में सीए के साथ एक अन्य अज्ञात व्यक्ति भी शामिल है, जिसने फर्जीवाड़े में सहयोग किया।
फर्म मालिक ने तत्काल मोंठ कोतवाली पहुंचकर पूरे मामले की तहरीर दी। पीड़ित दुकानदार ने बताया कि वह छोटा व्यापारी है। कस्बा मोंठ में जूते चप्पल की दुकान चलाता है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर संबंधित सीए और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जीएसटी से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों का विवरण और डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद क्षेत्र के व्यापारियों में भी चिंता का माहौल है और वे अपने खातों व जीएसटी रिकॉर्ड की जांच करने में जुट गए हैं।

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