मोंठ।
ग्राम तालौड़ में धार्मिक आस्था और परंपरा के प्रतीक 57वें श्री शतचंडी महायज्ञ का भव्य शुभारंभ महोत्सव के अंतर्गत किया गया। महायज्ञ के प्रथम दिन गांव में श्रद्धा और उत्साह के साथ कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों व श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
कलश यात्रा नहर से पवित्र जल भरकर प्रारंभ हुई, जो गांव के विभिन्न मार्गों से भ्रमण करती हुई यज्ञशाला प्रांगण तक पहुंची। इस अवसर पर यज्ञाचार्य रजनीकांत त्रिपाठी द्वारा यज्ञ परीक्षित पुष्पा देवी एवं बालकृष्ण राजपूत तथा भागवत आचार्य साध्वी कोमल राधे प्रिय (वृंदावन धाम) द्वारा भागवत परीक्षित मोहिनी देवी एवं जितेंद्र सिंह राजपूत उर्फ जीतू भैया का विधिविधान से कलश पूजन कराया गया।
कलश यात्रा के दौरान उपाचार्य विष्णु कांत दुबे सहित उपस्थित विद्वान ब्राह्मणों कैलाश नारायण मिश्रा, घनश्याम मिश्रा, रवि शास्त्री, राज प्रकाश दुबे, रमाकांत त्रिपाठी, राकेश पटेरिया, संजीव कुमार तिवारी, राकेश पाराशर, पुष्पेंद्र पुजारी, भानु प्रकाश पुजारी एवं राजेंद्र कुमार द्विवेदी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलशों का पूजन कराया गया। महिलाएं पारंपरिक परिधान में सिर पर कलश धारण कर भक्ति गीतों का गायन करती हुई यात्रा में शामिल रहीं, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय बना रहा।
यज्ञाचार्य रजनीकांत त्रिपाठी ने बताया कि 4 जनवरी को यज्ञ रचना एवं भागवत मंडप प्रवेश होगा, जबकि सोमवार 5 जनवरी से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया जाएगा तथा यज्ञ में अग्नि प्रवेश कराया जाएगा। महायज्ञ की पूर्णाहुति 11 जनवरी 2026 को संपन्न होगी।
महायज्ञ के दौरान प्रवचनकर्ता के रूप में विश्व भूषण दास (तुलसी आश्रम) एवं पुरुषोत्तम पचौरी (पिंडारी) द्वारा मानस प्रवचन किए जाएंगे। वहीं रात्रिकालीन कार्यक्रमों में विद्वान कलाकारों द्वारा श्रीरामलीला का मंचन किया जाएगा।
यह धार्मिक आयोजन रामचरण दास (कनक भवन सरकार, तालौड़) की अध्यक्षता में तथा विष्णु दास, प्रवीण दास (पीठाधीश्वर, सिद्ध हनुमान मंदिर अंबरगढ़) एवं दीपेंद्र अर्जरिया के संचालन में संपन्न हो रहा है। महायज्ञ को सफल बनाने में समस्त ग्रामवासियों का सराहनीय सहयोग रहा।
