झांसी। प्रदेश के राहत आयुक्त के निर्देशों के क्रम में जिले में चयनित 50 आपदा मित्रों को आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण हेतु लखनऊ रवाना किया गया। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने बस को हरी झंडी दिखाकर आपदा मित्रों को रवाना किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा के समय जब वॉलेंटियर्स अथवा एनडीआरएफ की वर्दी में जवान मौके पर पहुंचते हैं तो संकट में फंसे लोगों के मन में सुरक्षा और विश्वास की भावना जागृत होती है। यह विश्वास त्याग, कठोर परिश्रम, अनुशासन और निरंतर प्रशिक्षण से ही संभव होता है। उन्होंने प्रशिक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्रशिक्षित आपदा मित्र जिले में आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
जिलाधिकारी ने बताया कि आपदा मित्र योजना के अंतर्गत महिलाओं को भी विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे आपदा की स्थिति में महिलाओं को राहत एवं बचाव कार्यों में बेहतर सहयोग मिल सके।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वरुण कुमार पांडेय ने जानकारी दी कि जिले में एनसीसी, एनएसएस एवं विभिन्न एनजीओ से जुड़े स्वयंसेवकों में से 50 युवक-युवतियों का चयन आपदा मित्र के रूप में किया गया है। प्रशिक्षण पूर्ण करने के उपरांत इन स्वयंसेवकों को होमगार्ड भर्ती में तीन अंकों का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि राज्य आपदा मोचक बल, उत्तर प्रदेश में इन आपदा मित्रों को 12 दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसमें विभिन्न प्रकार की आपदाओं से निपटने की तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान आवश्यक उपकरण एवं किट भी उपलब्ध कराई जाएगी।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल, अपर जिलाधिकारी न्याय अरुण कुमार गौड़, नगर मजिस्ट्रेट प्रमोद झा, सहायक निदेशक सूचना सुरजीत सिंह सहित आपदा मित्र, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
