झांसी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर झांसी के कार्यालय में चल रहे एक रिश्वतखोरी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। दिनांक 30.12.2025 को चलाए गए अभियान के दौरान सीबीआई ने एक उप आयुक्त, दो अधीक्षकों, एक अधिवक्ता और एक निजी कंपनी के स्वामी को रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया है।
सीबीआई ने 30.12.2025 को दर्ज इस मामले में सीजीएसटी झांसी में तैनात उप आयुक्त प्रभा भंडारी, दो अधीक्षकों अनिल तिवारी और अजय कुमार शर्मा, एक अधिवक्ता नरेश कुमार गुप्ता, निजी कंपनी जय दुर्गा हार्डवेयर के मालिक राजू मंगतानी को गिरफ्तार किया है। प्रभा भंडारी 2016 बैच की आईआरएस है। सीबीआई ने एक निजी फर्म को जीएसटी चोरी के मामलों में अनुचित लाभ पहुँचाने के लिए 1.5 करोड़ रुपये की अवैध मांग के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी।
सीबीआई ने जाल बिछाकर दो अभियुक्त अधीक्षकों को 70 लाख रुपये की रिश्वत की राशि स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह रिश्वत सीजीएसटी झांसी के उप आयुक्त के कहने पर ली जा रही थी। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में दोनों अधीक्षक, एक उप आयुक्त, एक अधिवक्ता तथा एक निजी कंपनी का मालिक शामिल हैं।
गिरफ्तारी के बाद की गई तलाशी में लगभग 90 लाख रुपये नकद, कई संपत्ति दस्तावेज तथा भारी मात्रा में सोने और चांदी के जेवर बरामद किए गए हैं। अफसरों द्वारा जारी की गई सूचना के अनुसार तलाशी की प्रक्रिया अभी जारी है और आगे की जांच लगातार की जा रही है। अब तक कुल लगभग 1.60 करोड़ रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं। अभी अभियुक्तों को चिकित्सीय परीक्षण के बाद संबंधित न्यायालयों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।


