झांसी
झांसी कमिश्नरी सभागार में शुक्रवार को भारत के राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ बड़े ही उत्साह और भव्यता के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता मण्डलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह राष्ट्र की आत्मा और जन-जन को जोड़ने वाला अमर संदेश है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत देश की स्वतंत्रता संग्राम की धड़कन रहा है, जिसने देश को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य किया।
राष्ट्रगान और संकल्प के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” के सामूहिक गायन से हुई, जिसमें सरस्वती विद्या मन्दिर दतियागेट की छात्राओं सहित कमिश्नरी के अधिकारी और कर्मचारीगण ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। राजधानी लखनऊ में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी सभागार में देखा गया, जिससे उपस्थित लोगों में देशभक्ति की भावना और अधिक प्रगाढ़ हो उठी।
“माँ और मातृभूमि दोनों पूजनीय” — मण्डलायुक्त
अपने संबोधन में मण्डलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने कहा कि वंदे मातरम् गीत ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जन-जन के भीतर देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित की थी। उन्होंने कहा, “किसी भी व्यक्ति की अनुभूति अपनी माँ से होती है और हम सबको भारत माता की वन्दना करनी चाहिए। जहाँ भी रहें, पूरी ईमानदारी और निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन करें — यही सच्ची देशभक्ति है।”
उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि राष्ट्र की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करना चाहिए। मण्डलायुक्त ने कहा कि यह गौरवशाली अवसर हमें अपने महान इतिहास को स्मरण करने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।
अधिकारियों और छात्राओं की सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर अपर आयुक्त न्यायिक प्रियंका सिंह, संयुक्त विकास आयुक्त सुरेश चन्द्र केसरवानी, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या एस.एन. त्रिपाठी, उप निदेशक राजकीय संग्रहालय मनोज कुमार गौतम, उप निदेशक महिला कल्याण श्रवण गुप्ता, सहायक निदेशक सूचना सुरजीत सिंह, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी डी.के. शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक रती वर्मा, उप निदेशक बचत, दुग्ध विकास अधिकारी, तथा शिक्षिका नीतू सिंह सहित अनेक अधिकारी, कर्मचारी एवं सरस्वती विद्या मन्दिर की छात्राएँ उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनों ने एक स्वर में “वंदे मातरम्” का गायन कर देश की एकता, अखंडता और समर्पण के संकल्प को दोहराया।
