झांसी। मौसम की अनिश्चितता, लगातार बदलते तापमान और बे-मौसम वर्षा ने बुंदेलखंड के किसानों को गहरे संकट में ला खड़ा किया है। खेती पर निर्भर ग्रामीण परिवारों के लिए जलवायु परिवर्तन अब केवल एक चर्चा का विषय नहीं, बल्कि रोजमर्रा की कठिन वास्तविकता बन चुका है। फसलें नष्ट होने, पैदावार कम होने और लागत बढ़ने से किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार प्रभावित हो रही है। ऐसे समय में किसी भी प्रकार की सहायता उनके लिए आशा और समर्थन का स्रोत बन जाती है।
इसी कड़ी में परमार्थ समाज सेवी संस्था ने संकटग्रस्त किसानों की मदद के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। संस्था द्वारा जरूरतमंद किसानों को उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि वे अगले सीजन में बेहतर उत्पादन के साथ अपनी कृषि में स्थिरता ला सकें।
उन्नत बीज वितरण कार्यक्रम के तहत झांसी जिले के लगभग 100 किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज प्रदान किए गए। यह वितरण प्रक्रिया ग्राम स्तर पर आयोजित हुई, जिसमें किसानों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। किसानों ने बताया कि ऐसे समय में यह सहायता उनके लिए अत्यंत उपयोगी है और इससे उनकी कृषि लागत में भी कमी आएगी।
कार्यक्रम के दौरान परमार्थ संस्था के प्रमुख डॉ. संजय सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा ज़रूरतमंद लोगों की सहायता करना और कठिन समय में उनके साथ खड़ा होना एक सच्ची सेवा है। संस्था का उद्देश्य केवल राहत देना ही नहीं, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना भी है।
उन्होंने आगे कहा कि जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों का सामना केवल सामुदायिक सहयोग, वैज्ञानिक खेती, जल संरक्षण और गुणवत्ता आधारित कृषि संसाधनों के माध्यम से ही किया जा सकता है। संस्था इस दिशा में अपने प्रयास भविष्य में भी जारी रखेगी।
