📍मोठ (झांसी)।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जनशताब्दी वर्ष के अवसर पर कस्बे के ऐतिहासिक किला मैदान में रविवार को आयोजित अखिल भारतीय विराट दंगल में जयघोषों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
दंगल का आगाज़ प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कवयित्री अनामिका जैन ‘अंबर’ की जोशीली प्रस्तुति से हुआ, जिन्होंने अपने ऊर्जावान गीत “यूपी में बाबा है, और रामभक्त ही करेगा दिल्ली पर राज” से वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। हजारों की भीड़ ने तालियों की गूंज से कवयित्री का स्वागत किया।


महिला पहलवानों की कुश्ती बनी आकर्षण का केंद्र
इस बार दंगल में महिला पहलवानों ने अपने शानदार खेल से सबका दिल जीत लिया।
हरियाणा की सानू, दिल्ली की कोमल, झांसी की पूजा पाल, और प्रयागराज की कविता के बीच हुए रोमांचक मुकाबलों में जबरदस्त जोश देखने को मिला।
महिला वर्ग में कोमल (दिल्ली) और पूजा पाल (झांसी) विजेता रहीं। हजारों दर्शकों ने देर रात तक अखाड़े में डटे रहकर इन मुकाबलों का लुत्फ उठाया।
देशभर के नामी पहलवानों ने दिखाया दमखम


पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश और बुंदेलखंड के दांव-पेंचों के उस्ताद पहलवानों ने अखाड़े में अपना लोहा मनवाया।
मुख्य मुकाबला भारत केसरी शमशेर पहलवान (पंजाब) और मध्य प्रदेश केसरी कौशल पहलवान (ग्वालियर) के बीच ₹71,000 की कुश्ती रही, जो लगभग 20 मिनट तक चली और दर्शकों में रोमांच भर दिया।
पहली कुश्ती में अन्ना (आगरा) बनाम श्याम (ग्वालियर) बराबरी पर रही, जबकि दूसरी में राज (भुजोद) ने अमित पटेरिया (पंडोखर) को मात दी।
आदिल (मथुरा) बनाम कल्लू (मुरैना) की कुश्ती बराबरी पर खत्म हुई, वहीं गोलू (कुठौंदा) और अर्जुन (संभल) का मुकाबला दर्शनीय रहा।
लोकसंस्कृति से सराबोर हुआ किला मैदान
कार्यक्रम में बुंदेलखंड की संस्कृति की झलक भी देखने को मिली।
फाग सम्राट राजेंद्र सिंह गुर्जर और रानी कुशवाहा की टीम ने पारंपरिक फाग और राई नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे क्षेत्र को उत्सवमय बना दिया।
उद्घाटन में जुटे जनप्रतिनिधि और गणमान्य
कार्यक्रम का उद्घाटन संयुक्त रूप से राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त जमुना प्रसाद कुशवाहा, हरगोविंद कुशवाहा, विधायक रवि शर्मा, जवाहरलाल राजपूत, राजीव सिंह परीछा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप पटेल, महापौर बिहारी लाल आर्य, पूर्व मंत्री रतनलाल अहिरवार तथा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश पाल ने किया।
उद्घाटन के साथ ही मैदान में “भारत माता की जय” और “जय बजरंग बली” के नारे गूंज उठे।

विधायक जवाहरलाल राजपूत बोले — ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
आयोजक गरौठा विधायक जवाहरलाल राजपूत ने कहा कि यह आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय की अंत्योदय की विचारधारा को समर्पित है।
उन्होंने कहा कि “बुंदेलखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाएं छिपी हैं। सरकार का प्रयास है कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई जाए।”
विधायक ने बताया कि मोंठ में मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया गया है और जल्द ही स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना होगी, जिससे युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही
पूरे आयोजन के दौरान सीओ मोठ अजय श्रोत्रिय की अगुवाई में पुलिस बल ने सतर्क निगरानी रखी।
कोतवाल मोड़ अखिलेश द्विवेदी, सर्कल के सभी थानेदारों और पीएसी बटालियन की मौजूदगी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
मुख्य सहयोगी एवं अतिथि
कार्यक्रम में कपिल मुदगिल, दिनेश राजपूत, देवेंद्र कंसाना (अध्यक्ष नगर पालिका समथर), देवेंद्र गोसाईं (प्रतिनिधि अध्यक्ष मोंठ नगर पंचायत), नीरज शर्मा, प्रीति शर्मा, हेमंत परिहार, छत्रपाल राजपूत, सुरजीत राजपूत, महेंद्र पुजारी, सौरभ गिरि, देवेंद्र गुसाईं, मनोज चौरसिया, राजा जौरा, धर्मेंद्र वर्मा, प्रमोद तिवारी, मुकेश राजपूत सहित अनेक गणमान्य मौजूद रहे।
दंगल संचालन अजय शुक्ला और भरत राजपूत ने जीवंत अंदाज में किया, जबकि रेफरी की भूमिका संदीप राणा, हेमराज और बालमुकुंद ‘छोटू पहलवान बागोनिया’ ने निभाई।
समापन में विजेताओं का हुआ सम्मान
रात देर तक चले इस विराट दंगल के समापन पर विजेता पहलवानों को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
जनसमूह की उमड़ती भीड़ ने यह साबित किया कि पारंपरिक कुश्ती आज भी ग्रामीण भारत की धड़कन है।
दंगल बना सांस्कृतिक और खेल महोत्सव
यह आयोजन केवल कुश्ती प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की लोकसंस्कृति, राष्ट्रीय गौरव और भारतीय परंपरा का भव्य संगम बन गया।
कवयित्री अनामिका जैन ‘अंबर’ की कविता, महिला पहलवानों के साहसिक प्रदर्शन और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया —
एक ऐसा दंगल जिसे मोठ लंबे समय तक याद रखेगा।
