बुन्देलखण्ड में दलहन-तिलहन के विकास के लिए सरकार संकल्पित: कृषि मंत्री
झांसी: पं. दीनदयाल सभागार में झांसी एवं चित्रकूटधाम मण्डल की संयुक्त रबी उत्पादकता गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ विधायक जवाहर लाल राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम, विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन, रामतीर्थ सिंघल, गौ-सेवा आयोग अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता व भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप पटेल मंच पर मौजूद रहे।
कृषि मंत्री ने कहा कि बुन्देलखण्ड की पहचान दलहन और तिलहन उत्पादन के लिए जानी जाती है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में ‘पीएम धन-धान्य योजना’ और ‘दलहन आत्मनिर्भर मिशन’ का शुभारंभ किया है, जिनका उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाना है। झांसी, जालौन, ललितपुर, चित्रकूट, बांदा, महोबा और हमीरपुर इन योजनाओं में चयनित जनपद हैं।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 45 लाख किसानों को दलहन एवं तिलहन के मिनी किट निःशुल्क वितरित किए गए हैं, जिससे उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती, श्रीअन्न उत्पादन और जलवायु के अनुरूप फसल चयन पर बल देने की अपील की।
कार्यक्रम में गौ-सेवा आयोग अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने गौ-आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति अशोक कुमार ने कहा कि क्षेत्र में ड्रैगन फ्रूट, आंवला और स्ट्रॉबेरी जैसी फसलों की अपार संभावनाएं हैं।
अपर मुख्य सचिव उद्यान वी.एल. मीना ने जानकारी दी कि दिसंबर 2025 से तुलसी को राष्ट्रीय आयुष मिशन में शामिल किया जाएगा। अंत में किसानों को रबी फसल की बीज मिनी किट वितरित की गईं और भाजपा जिलाध्यक्ष को 42 लाख की योजना हेतु लेटर ऑफ कम्फर्ट प्रदान किया गया।
