झांसी से लेकर लखनऊ तक से श्रद्धालु पहुंचते हैं, 26 वर्षों से अखंड रामचरितमानस पाठ जारी
मोंठ। नगर स्थित प्राचीन श्री खेरापति सरकार हनुमान मंदिर इन दिनों आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। क्षेत्र ही नहीं, बल्कि झांसी, जालौन, उरई, कोच, कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, इटावा और औरैया सहित दूर-दराज जनपदों से श्रद्धालु यहां दर्शन और अर्जी लगाने पहुंचते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना यहां कभी निष्फल नहीं जाती।

मंगलवार और शनिवार को मंदिर परिसर में विशेष रूप से बालाजी सरकार का दरबार सजता है। इन दोनों दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर अपनी अर्जी लगाते हैं। भक्तों का विश्वास है कि हनुमान जी महाराज की कृपा से उनके कष्टों का निवारण होता है और जीवन की परेशानियां दूर होती हैं। मंदिर परिसर में बालाजी सरकार का दरबार लगाने वाले संतोष पांडा का कहना है कि यह मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है और इसकी स्थापना से जुड़ी कई धार्मिक कथाएं प्रचलित हैं। समय के साथ मंदिर का स्वरूप भव्य हुआ है, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था आज भी उतनी ही अटूट बनी हुई है।
मंदिर के पुजारी लला उपाध्याय बताते हैं कि यहां प्रतिदिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। विशेष अवसरों पर भीड़ और अधिक बढ़ जाती है। मंदिर के समीप बहने वाली कालंद्री नदी इसकी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्ता को और बढ़ाती है।

मंदिर की एक अनूठी विशेषता 26 वर्षों से निरंतर चल रहा अखंड श्री रामचरितमानस पाठ और अखंड ज्योति है। मंदिर के व्यवस्थापक योगेश पांडेय के अनुसार बीते 26 वर्षों से बिना रुके रामायण श्री रामचरितमानस का अखंड पाठ जारी है और ज्योति निरंतर प्रज्ज्वलित है। इसके लिए श्रद्धालुओं की समयानुसार ड्यूटी लगाई जाती है, जो अपने निर्धारित समय पर पाठ करते हैं। यह परंपरा क्षेत्र में विशेष चर्चा का विषय बनी रहती है।

मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन करते हैं। मंदिर व्यवस्था से जुड़े समाजसेवी दिलीप पांडे ने बताया कि
प्रत्येक वर्ष साल के अंतिम शनिवार को वार्षिक भंडारा आयोजित होता है, जिसमें सैकड़ों लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं। वहीं बुढ़वा मंगल के अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में छह से दस हजार श्रद्धालुओं की उपस्थिति रहती है। समाजसेवी दिलीप महाराज के अनुसार नगरवासी सेवा भाव से बढ़-चढ़कर सहयोग करते हैं और प्रसाद वितरण में सक्रिय भागीदारी निभाते हैं।
श्री खेरापति सरकार हनुमान मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि मोंठ की सांस्कृतिक पहचान भी बन चुका है। हर वर्ग और आयु के लोग यहां श्रद्धा से शीश नवाने आते हैं। भक्तों का कहना है कि हनुमान जी की कृपा से उनके जीवन की अनेक बाधाएं दूर हुई हैं। यही अटूट विश्वास इस मंदिर को अलौकिक आस्था का धाम बनाए हुए है।
मृदुल पांडे की रिपोर्ट

