ललितपुर के देवगढ़ में ‘वेटलैंड एंड ट्रेडिशनल नॉलेज: सेलिब्रेटिंग कल्चरल हेरिटेज’ की थीम पर बर्ड फेस्टिवल आयोजित
उ०प्र० के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने किया ‘नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल 2026’ का उद्घाटन
पर्यटन मंत्री ने ललितपुर-झांसी की 24 करोड़ रुपए की पर्यटन विकास योजनाओं का किया लोकार्पण
महावीर स्वामी वन्य जीव अभ्यारण्य हुआ गुलजार, विभिन्न विभागों के मंत्री-अधिकारी और प्रकृति प्रेमी कार्यक्रम में हुए शामिल
‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन वेटलैंड’ के लक्ष्य की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश- जयवीर सिंह
लखनऊ/ललितपुर, 02 फरवरी 2026
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने विश्व वेटलैंड दिवस के अवसर पर महावीर स्वामी वन्य जीव अभ्यारण्य, देवगढ़ (ललितपुर) में उ०प्र० नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल-2026 का उद्घाटन किया। ‘वेटलैंड एंड ट्रेडिशनल नॉलेज: सेलिब्रेटिंग कल्चरल हेरिटेज’ की थीम पर आयोजित फेस्टिवल को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, कि पर्यटन विभाग और वन विभाग संयुक्त रूप से उत्तर प्रदेश में ईको टूरिज्म को शिखर पर पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है। हमारा प्रयास है कि वैश्विक इको पर्यटन मानचित्र पर बुंदेलखंड को विशिष्ट स्थान प्राप्त हो, बर्ड फेस्टिवल इसकी आधारशिला है।’
मंत्री जयवीर सिंह ने आगे कहा कि ‘ललितपुर का देवगढ़ क्षेत्र ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक रूप से अत्यंत समृद्ध है। यहां प्राचीन काल के जैन मंदिर, बौद्ध गुफाएं, दशावतार मंदिर के साथ-साथ बेतवा नदी के किनारे जैव-विविधता और वन्यजीवों के सरंक्षण का अद्भुत केंद्र है। केवल देवगढ़ ही नहीं पूरा ललितपुर पर्यटन आकर्षणों से भरा है। नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल के दौरान आमलोग पक्षियों को देख सकते हैं, प्रकृति के बीच भ्रमण कर सकते हैं तथा आर्द्रभूमि संरक्षण से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का हिस्सा बन सकते हैं।’

‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन वेटलैंड’ की दिशा में बढ़ रहे
पर्यटन मंत्री ने कहा कि ‘इंटरनेशनल वेटलैंड डे पर जानकारी देते हुए हर्ष हो रहा है कि केंद्र सरकार की ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना और राज्य सरकार की ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन’ योजना के बाद हम ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन वेटलैंड’ की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म विकास बोर्ड भविष्य के ब्रांड अंबेसडर भी तैयार कर रहा है। युवा टूरिज्म क्लबों के सदस्यों को विभिन्न अवसरों पर विस्टाडोम कोच, विभिन्न पक्षी विहारों सहित नजदीक प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण कराया जाता है। विद्यालयों में प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों में प्रारंभिक स्तर से ही पर्यावरण संरक्षण और ईको टूरिज्म के प्रति जागरूकता विकसित की जा रही है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक जनपद के अल्पज्ञात पर्यटन स्थलों का भी विकास किया जाए।’

रामसर साइट्स-टाइगर रिजर्व के पास पर्यटन विकास
उन्होंने कहा कि ‘पिछले दिनों हुई संयुक्त बैठक में वन विभाग ने बताया कि अब तक 52 वेटलैंड सूचीबद्ध किए जा चुके हैं। यहां पर्यटन सुविधाओं के विकास पर सहमति बनी है। इस प्रदेश के प्रत्येक जिले पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। दोनों विभागों के बीच प्रदेश की 11 रामसर साइट्स और 04 टाइगर रिजर्वों के आसपास पर्यटन सुविधाओं के विकास पर सहमति बनी है। उत्तर प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए विभिन्न राज्यों और देशों के टूर ऑपरेटरों एवं यात्रा व्यवसायियों की फैम ट्रिप आयोजित की जा रही है। हाल में ही यूके, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से आए प्रतिनिधि न केवल राज्य के सौंदर्य से आकर्षित हुए, बल्कि उत्तर प्रदेश के डेस्टिनेशन को अपनी आइटनरी में शामिल भी कर रहे हैं।

ललितपुर-झांसी की 24 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण
पर्यटन मंत्री ने कहा, हमारा प्रयास है कि बुंदेलखंड घरेलू और विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद बने। पर्यटन स्थलों और पर्यटकों की सुविधाओं पर तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में पर्यटन विभाग ललितपुर और झांसी में पर्यटन सुविधाओं के विकास पर तेजी से कार्य कर रहा है। दोनों जनपदों की लगभग 24 करोड़ धनराशि की विभिन्न परियोजनाओं का आज लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है।’
..युवा पीढ़ी को मिले समृद्ध विरासत- अरुण सक्सेना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरुण सक्सेना, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने कहा, ‘नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल-2026 उत्तर प्रदेश की समृद्ध जैव-विविधता, पक्षी संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह उत्सव न केवल प्रदेश के वेटलैंड्स, वन क्षेत्रों और प्रवासी पक्षियों की महत्ता को रेखांकित करता है, बल्कि नागरिकों विशेषकर युवाओं को प्रकृति के संरक्षण के लिए जागरूक और प्रेरित भी करता है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को समृद्ध प्राकृतिक विरासत मिल सके।’
‘नदियां, वेटलैंड्स, प्रवासी पक्षी हमारी धरोहर’
कृष्ण पाल मलिक, राज्य मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने अपने उद्बोधन में कहा, कि ‘उत्तर प्रदेश की नदियां, वेटलैंड्स, वन क्षेत्र और प्रवासी पक्षी हमारी प्राकृतिक धरोहर हैं, जिनका संरक्षण आवश्यक है। नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल-2026 यह संदेश देता है कि विकास तभी सार्थक है जब वह प्रकृति के संतुलन के साथ हो। प्रदेश सरकार जैव-विविधता संरक्षण, पक्षी आवासों के संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है।’
कार्यक्रम के अन्य आकर्षण
इस कार्यक्रम में कॉफी टेबल बुक, सारस शीतकालीन गणना-2025 एवं अन्य प्रचार-प्रसार सामग्री का विमोचन किया गया। इसके अलावा, नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल 2026 के अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताएं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। समारोह में तकनीकी पक्ष के अंतर्गत ‘पक्षियों तथा उनके आवास संरक्षण’, ‘आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण’ और ‘जिम्मेदार ग्रामीण एवं ईको-पर्यटन संवर्धन’ शीर्षक से तीन अलग-अलग सत्रों का आयोजन हुआ। इसके अतिरिक्त बर्डिंग एंड ट्रैकिंग तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह सहित अन्य गणमान्य लोगों ने आयोजन स्थल पर स्टॉल का निरीक्षण किया।
कार्यक्रम में अरुण सक्सेना, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, मनोहर लाल पंथ, राज्य मंत्री, श्रम एवं सेवायोजन विभाग, कृष्ण पाल मलिक, राज्य मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा रामरतन कुशवाहा, विधायक, सदर ललितपुर, अनिल कुमार प्रमुख सचिव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, निदेशक इको पुष्प कुमार के० सहित इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड, पर्यटन विभाग एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, प्रकृति प्रेमी, स्थानीय नागरिक, बर्डिंग एवं ट्रैकिंग से जुड़े विशेषज्ञ एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के कलाकार उपस्थित रहे।
