मोंठ। मोंठ तहसील क्षेत्र में अचानक बढ़ी पराली जलाने की घटनाओं को देखते हुए पुलिस व प्रशासन सतर्क मोड में आ गया है। बृहस्पतिवार को कोतवाली मोंठ परिसर में अपर पुलिस अधीक्षक देहात डॉ. अरविंद कुमार तथा एसडीएम मोंठ अवनीश तिवारी ने ग्राम प्रधानों, चौकीदारों एवं क्षेत्र के संभ्रांत व्यक्तियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। बैठक में पराली जलाने से होने वाले नुकसान, कानूनी प्रावधानों और रोकथाम के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई।
अधिकारीगणों ने बताया कि विगत दिवस प्रदेश में पराली जलने की घटनाओ में मोंठ तहसील में 2 हजार से अधिक घटनाएँ सामने आई हैं, जो अत्यंत चिंता का विषय है। एएसपी देहात डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि किसान देश के अन्नदाता हैं और उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करना प्रशासन के लिए पीड़ादायक है, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए कार्रवाई करना आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि पराली जलाने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी तथा गांवों में इसके प्रति जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
एसडीएम अवनीश तिवारी ने बताया कि पराली जलाने वालों की सूची तैयार की जा रही है, और जिन किसानों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं, उन्हें नोटिस जारी किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानों व चौकीदारों से गांवों में जाकर मुनादी कराने, ग्रामीणों को जागरूक करने तथा पराली को न जलाकर गौशालाओं में उपलब्ध कराने की अपील की। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि किसी किसान ने पराली जलाई तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
बताया गया कि पराली जलाने बालो में एक दर्जन से अधिक किसानों को चिंहत किया गया तथा कई किसानों को थाने भी बुलाया गया। अधिकारियों ने ग्राम प्रधानों को निर्देश दिए कि गांवों में लोगों को समझाएं और बड़े किसानों की अलग सूची बनाकर उन्हें विशेष रूप से अवगत कराएं।
इस मौके पर कोतवाल अखिलेश द्विवेदी, प्रधान बबलू यादव, नीरज पटेल, साहब सिंह, अरविंद यादव, देवेंद्र राजा इमलिया, कुम्हरार प्रधान, अमरा प्रधान सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
