परिवहन विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल, नगर की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित
जालौन। पड़ोसी जनपदों से ईंट से भरे ओवरलोड ट्रैक्टरों का संचालन लगातार जारी है। इन ट्रैक्टरों पर ईंटों का इतना अधिक भार लादा जा रहा है कि कई बार उनके आगे के पहिए जमीन से कई फीट ऊपर उठ जाते हैं। ऐसी स्थिति में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
सरकार जहां ट्रैक्टरों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दे रही है, वहीं हकीकत इसके उलट नजर आ रही है। परिवहन विभाग द्वारा ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान चलाने के बावजूद ईंट से भरे इन ट्रैक्टरों पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है।
ओवरलोड ट्रैक्टर न केवल सड़क सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं, बल्कि नगर की यातायात व्यवस्था को भी बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं। नगर में चुंगी नंबर चार और बालाजी मार्ग पर सुबह से ही औरैया की ओर से दर्जनों ट्रैक्टर ईंट लादकर पहुंच जाते हैं। ये ट्रैक्टर सड़क किनारे या सड़कों पर ही खड़े होकर ग्राहक का इंतजार करते रहते हैं।
ग्राहक मिलने पर वहीं ईंट की बिक्री कर दी जाती है, अन्यथा ये ट्रैक्टर देर शाम तक सड़कों पर जमे रहते हैं। इससे चौराहों पर जाम की स्थिति बन जाती है और कई बार ट्रैक्टर चालकों तथा अन्य वाहन चालकों के बीच विवाद की नौबत भी आ जाती है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ओवरलोड ट्रैक्टरों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए नगर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जाए।
— नीरज श्रीवास्तव, पत्रकार, बोहदपुरा
