सीसीआरटी उदयपुर में कठपुतली कला परिचर्चा, मोंठ के शिक्षक चंद्रशेखर कुशवाहा सम्मानित
मोंठ।
मोंठ ब्लॉक के एक प्राइमरी शिक्षक को
सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी) उदयपुर, राजस्थान में आयोजित चर्चा एवं कठपुतली कला परिचर्चा में प्राथमिक विद्यालय गयारई, ब्लॉक मोंठ के सहायक अध्यापक चंद्रशेखर कुशवाहा को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉ. जीवन सिंह खड़कवाल द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सीसीआरटी उदयपुर केंद्र में 2 फरवरी से 6 फरवरी 2026 तक आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की परिचर्चा में देशभर से 117 शिक्षकों को आमंत्रित किया गया था। इसमें वे प्रतिभागी शामिल थे, जिन्होंने सीसीआरटी के हैदराबाद, नई दिल्ली, गुवाहाटी एवं उदयपुर केंद्रों से ‘रोल ऑफ पपेट’ विषय पर प्रशिक्षण प्राप्त किया था।
प्रशिक्षण एवं परिचर्चा कार्यक्रम का शुभारंभ सीसीआरटी के निदेशक डॉ. राहुल कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर मिथुन दत्त एवं अभि सरकार, प्रभारी सीसीआरटी उदयपुर भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान योग, कठपुतली कला के शैक्षिक उपयोग, कहानी निर्माण की प्रक्रिया तथा विषयानुकूल आवाज के प्रयोग पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों द्वारा कठपुतली कला का प्रदर्शन भी किया गया।
परिचर्चा के दौरान सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र से शिक्षा पर आधारित पारंपरिक गीत “पढ़ लो पढ़ लो भैया रे, हो जे पार नैय्या रे” का प्रस्तुतीकरण चंद्रशेखर कुशवाहा द्वारा किया गया, जिसे सराहा गया।
