झांसी :
झांसी। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जनपद की 42वीं रैंक आने पर जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने समीक्षा बैठक में कई विभागों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि रैंकिंग में सुधार के लिए अधिकारी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
बैठक में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में 1622 असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर उन्होंने संबंधित विभागों को फटकार लगाई। कहा कि शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध होना चाहिए। बार-बार निर्देश देने के बावजूद अधिकारियों द्वारा फीडबैक न लेने पर नाराजगी जताई।
डीएम ने बताया कि विकास कार्यों में जनपद की प्रदेश स्तर पर 17वीं रैंक है, जो संतोषजनक नहीं है। उन्होंने फैमिली आईडी, डीएनआरएलएम बैंक क्रेडिट लिंकेज, निपुण परीक्षा, लोक निर्माण विभाग की सड़क निर्माण योजनाओं और पर्यटन विभाग के कार्यों में सुधार लाने के निर्देश दिए। कहा कि सभी अधिकारी पोर्टल का स्वयं निरीक्षण करें ताकि सही डाटा अपलोड हो और लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूरा हो सके।
उद्यान विभाग की “पर ड्राप मोर क्राप–माइक्रोइरीगेशन” योजना की समीक्षा में उन्होंने कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए। पशुधन विभाग की समीक्षा में उन्होंने पशु टीकाकरण की रैंडम जांच कराने और गोशालाओं का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने जल निगम की अमृत योजना, एमओयू हुई औद्योगिक इकाइयों और पंचायत भवनों में फैमिली आईडी निर्माण की धीमी प्रगति पर असंतोष जताया। कहा कि अधिकारी योजनाओं की लक्ष्यपूर्ति कर जनपद की रैंकिंग में सुधार लाने की दिशा में ठोस कदम उठाएं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने पोर्टल की नियमित मॉनिटरिंग करें, डाटा मिलान सुनिश्चित करें और लाभार्थीपरक योजनाओं के लंबित आवेदन तत्काल निस्तारित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि जो विभाग लगातार खराब प्रदर्शन करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद, सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय, एडीएम वित्त वरुण कुमार पांडेय, एडीएम नमामि गंगे योगेश कुमार, एडीएम न्याय अरुण कुमार गौड़, डीडीओ सुनील कुमार, अधिशासी अभियंता दीपांकर चौधरी, डीएसटीओ सुजान सिंह लोधी व डॉ. अर्चना सिंह सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
