उरई (जालौन)। सिद्धपीठ ठड़ेश्वरी मंदिर उरई में वर्ष 2005 से निरंतर नववर्ष के शुभागमन पर आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत रासलीला के उपरांत दूसरे दिन राम कथा एवं भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। यह आयोजन सिद्धपीठ के महंत सिद्ध रामदास महामंडलेश्वर के सानिध्य में संपन्न हो रहा है।
राम कथा का वाचन आचार्य पं. श्रीकांत मिश्र द्वारा तथा भागवत कथा का वाचन आचार्य पुष्पेन्द्र कुमार द्विवेदी द्वारा किया जा रहा है। मंगलवार को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक आचार्य पं. श्रीकांत मिश्र ने राम कथा के अंतर्गत महर्षि वाल्मीकि के जन्म की कथा को समसा नदी तट से जुड़ी पौराणिक मान्यताओं सहित विस्तारपूर्वक सुनाया। कथा श्रवण कर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
वहीं अपराह्न में आचार्य पुष्पेन्द्र कुमार द्विवेदी ने भागवत कथा के अंतर्गत राजा परीक्षित के प्राकट्योत्सव की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित भक्तजन भावविभोर हो उठे। कथावाचकों ने बताया कि प्रतिदिन दोपहर 12 से 2 बजे तक राम कथा तथा 2 से 5 बजे तक भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम के आयोजक यजमान अजय बाजपेई एवं उनकी धर्मपत्नी गीता बाजपेई ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धार्मिक कार्यक्रम का पुण्य लाभ प्राप्त करें। यह आयोजन 31 दिसंबर तक चलेगा, जबकि 1 जनवरी 2026 को हवन-पूजन के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
महंत सिद्ध रामदास महामंडलेश्वर ने भी सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे इन धार्मिक आयोजनों में सहभागिता कर अपने जीवन को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाएं।
— नीरज श्रीवास्तव, रिपोर्टर बोहदपुरा
