સમાચાર ફ્લેશ
सरस्वती शिशु मंदिर मोंठ में वार्षिक परीक्षाफल वितरण समारोह आयोजित। गल्ला मंडी में गेहूं खरीद केंद्रों पर किसानों को खसरा लेना जाना हुआ अनिवार्य, गेहूं बेचते समय किसान खसरा लेकर पहुंचे केंद्रों पर। समथर — नगर के सुखदैनी माता मन्दिर पर चल रही सात दिवसीय श्रीराम कथा में मंगलवार को भगवान श्रीराम जन्म की कथा का बर्णन किया गया । कुम्हरार में श्रीमद्भागवत कथा में श्रीकृष्ण जन्म की लीला का वर्णन। मोंठ में आवारा कुत्तों का आतंक, 12 लोग घायल। समथर — खाटू श्याम मंदिर से लड्डू गोपाल एवं मौली प्रसाद प्राप्त कर लौटे भक्तजनों का नगर में स्वागत किया गया एवं नगर में खाटू श्याम बाबा की लड्डू गोपाल यात्रा निकाली गई ।
Home » Uncategorized » समथर — “परमात्मा ही जीव का निश्वार्थ एवं सच्चा मित्र है । निश्छल प्रेम भक्ति से भगवान को प्रेम के किसी भी रिश्ते में बांधकर प्रभु का सानिध्य प्राप्त किया जा सकता है “

समथर — “परमात्मा ही जीव का निश्वार्थ एवं सच्चा मित्र है । निश्छल प्रेम भक्ति से भगवान को प्रेम के किसी भी रिश्ते में बांधकर प्रभु का सानिध्य प्राप्त किया जा सकता है “

समथर — “परमात्मा ही जीव का निश्वार्थ एवं सच्चा मित्र है । निश्छल प्रेम भक्ति से भगवान को प्रेम के किसी भी रिश्ते में बांधकर प्रभु का सानिध्य प्राप्त किया जा सकता है ” उक्त उद्गार नगर के मोहल्ला काली मर्दन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से कथा व्यास भगवत नारायण शास्त्री श्रीधाम बृन्दावन ने व्यक किये । श्रीमद भागवत कथा के बिश्राम दिवस कथा व्यास ने सुदामा चरित्र की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि व्यक्ति को बिद्या का उपयोग केवल धनोपार्जन के लिए ही नहीं करना चाहिए बल्कि ज्ञान और बिद्या का उपयोग ईश्वर की कृपा प्राप्ति एवं जनकल्याण के लिए भी करना चाहिए । सुदामा बेदपाठी ब्राह्मण थे जिन्होंने अपनी बिद्या का उपयोग गोविंद की प्राप्ति के लिए किया । प्रत्येक मनुष्य को समय,शक्ति और संपत्ति का सदुपयोग गोविंद का आश्रय लेते हुए करना चाहिए । नीति, धर्म एवं सदाचार से प्राप्त धन ही महालक्ष्मी का स्वरूप है और परमात्मा लक्ष्मीजी के स्वामी हैं । धन के दुरुपयोग से परमात्मा रुष्ट हो जाते है जिससे यह लोक और परलोक दोनों ही बिगड़ जाते है । कथा व्यास ने सुदामा चरित्र के अलावा वैराग्य वर्णन,नव योगेश्वर की कथा,दत्तात्रेय के चौबीस गुरुओं की कथा,कलयुग बर्णन,पारीक्षत की परमगति,भागवत महिमा,आदि प्रसंगों का संगीतमय बर्णन किया । कथा के बीच गाये गए भजनों पर श्रोता भाव विभोर होकर झूम उठे । कथा पारीक्षत श्रीमती कमलादेवी ने भागवतजी की आरती की । इस अवसर पर रामकुमार तिवारी,कृष्णचन्द्र तिवारी,पंजाब सिंह, कल्लन दुबे, कृष्णापाल सिंह,दिनेश तिवारी,बालजी गुर्जर,लल्लू राजा गुर्जर,आनन्द उपाध्यय आदि भारी संख्या में लोग मौजूद रहे ।

119 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *