मोंठ–कस्बा के शीतला धाम प्रांगण में आयोजित नौ दिवसीय श्री रामकथा का समापन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। समापन के पश्चात शीतला धाम प्रांगण में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। भंडारे में दूर–दराज़ से आए भक्तों के साथ-साथ नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने भी बड़ी संख्या में सहभागिता की।नगर एवं क्षेत्र के
समर्पण भाव से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। शुद्धता, स्वच्छता और सेवा भाव का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे हर आगंतुक को प्रभु श्रीराम की कृपा और अपनापन महसूस हुआ। श्री रामकथा के आयोजक रामजी परिहार ने मंच से सभी श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं, अतिथियों, सहयोगियों एवं सेवाभावी कार्यकर्ताओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्री रामकथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाला एक पावन माध्यम है। कथा के माध्यम से मर्यादा, संस्कार, प्रेम, सेवा और परिवारिक मूल्यों का जो संदेश मिला है, उसे हम सभी को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।
श्री रामजी परिहार ने विशेष रूप से उन सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया, जिन्होंने आयोजन की तैयारी से लेकर समापन तक तन, मन और धन से सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि हजारों लोगों को एक साथ प्रसाद कराना तभी संभव हो पाता है, जब समाज एकजुट होकर सेवा भाव से कार्य करे।कोतवाल राजेश पाल सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।इस मौके पर शिवप्रताप बुंदेला सुट्टा,मनीष दाऊ, भगवान सिंह,कल्लू चौरसिया, रोहित नामदेव,पुष्पेंद्र भदौरिया,रानू भरोसा,लोचन सिंह,विनय राजपूत, रवि ठाकुर,शिवम गुप्ता,अंशु अग्रवाल आदि अनेक लोग मौजूद रहे।
