मोंठ–मोंठ तहसील के ग्राम लड़ावरा स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन कथा व्यास रवि बादल ने भगवान की लीलाओं का सुंदर वर्णन करते हुए श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोवर्धन लीला और भक्तों के प्रति उनके प्रेम का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला दिव्य ग्रंथ है। कथा के माध्यम से उन्होंने बताया कि भगवान अपने भक्तों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं और सच्चे मन से की गई भक्ति कभी व्यर्थ नहीं जाती।उन्होंने गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि जब इंद्र के प्रकोप से ब्रजवासी भयभीत हुए, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत धारण कर सभी की रक्षा की। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि अहंकार का त्याग कर ईश्वर पर विश्वास रखना चाहिए। कथा व्यास ने श्रद्धालुओं को सत्संग, सेवा और संस्कारों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।कथा पारीक्षत ज्योति अखलेश राजपूत ने आरती की। गरौठा विधायक के पुत्र राहुल राजपूत ने कथा व्यास का आसीर्बाद लिया।इस मौके पर ग्राम प्रधान सुरेंद्र राजपूत,महेंद्र पुजारी,आकाश,अरुण,मंजीत,पवन रविन्द्र,भूपेंद्र,हितेंद्र सहित अनेक श्रदालु मौजूद रहे।
