श्रीमद् भागवत कथा में धुंधकारी, परीक्षित एवं सुखदेव जन्म की कथा से भावविभोर हुए श्रद्धालु।
मोंठ : निकटवर्ती ग्राम सय (दासना) स्थित हनुमान जी मंदिर परिसर में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के क्रम में आज कथा व्यास श्री अनुज कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने धुंधकारी की मार्मिक कथा, राजा परीक्षित के जन्म प्रसंग एवं महर्षि वेदव्यास के पुत्र श्री सुखदेव जी के जन्म की कथा का विस्तार से वर्णन किया। कथा व्यास ने धुंधकारी कथा के माध्यम से बताया कि सत्संग और भागवत श्रवण से सबसे बड़े पापी का भी उद्धार संभव है। उन्होंने समझाया कि कलियुग में भगवान का नाम और कथा ही मानव जीवन को भवसागर से पार लगाने का सरल साधन है।
राजा परीक्षित के जन्म की कथा सुनाते हुए कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण की कृपा का वर्णन किया, जब गर्भ में ही परीक्षित की रक्षा स्वयं भगवान ने सुदर्शन चक्र से की। इस प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। वहीं सुखदेव जी के जन्म की कथा में बताया गया कि कैसे बाल्यावस्था से ही वे ब्रह्मज्ञान में लीन रहे और आगे चलकर उन्होंने राजा परीक्षित को श्रीमद् भागवत कथा का अमृतपान कराया।
कथा के दौरान भजनों और संगीतमय प्रस्तुति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया और धर्म, भक्ति व सदाचार का संदेश ग्रहण किया। कथा परीक्षत श्री मति प्रेरणा गौरव सिंह दांगी ने आरती की।इस मौके पर अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
