रासायनिक उर्वरक बना रहे लोगों को बीमार, जैविक उत्पादों का उपयोग ही स्वास्थ्यवर्धक
मोंठ— आयुर्वेदिक चिकित्सक उमाशंकर तिवारी ने रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इनके कारण तैयार होने वाली फसलें मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही हैं। उन्होंने बताया कि रासायनिक उर्वरकों से उगाई गई सब्जियां, अनाज और फल लंबे समय तक सेवन करने से अनेक प्रकार की बीमारियों को जन्म दे रहे हैं, जिनमें पेट संबंधी रोग, त्वचा विकार, मधुमेह और कैंसर जैसी गंभीर समस्याएं भी शामिल हैं।
उमाशंकर तिवारी ने कहा कि आयुर्वेद प्राकृतिक जीवनशैली और शुद्ध आहार पर आधारित है। जैविक उत्पादों से निर्मित खाद्य पदार्थ न केवल पोषण से भरपूर होते हैं, बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं। जैविक खेती में रासायनिक दवाओं का प्रयोग न होने से मिट्टी, जल और पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में जैविक अनाज, सब्जियों और फलों का अधिक से अधिक उपयोग करें तथा किसानों को भी जैविक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करें। इससे जहां एक ओर समाज स्वस्थ रहेगा, वहीं आने वाली पीढ़ियों को भी सुरक्षित भविष्य मिल सकेगा।
