झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) प्रकोष्ठ के दो स्वयंसेवक खुशी रावत एवं योगेंद्र प्रताप सिंह राष्ट्रीय एकीकरण शिविर में सहभागिता के लिए हरिद्वार रवाना हुए। यह शिविर देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार में 22 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से चयनित स्वयंसेवक भाग लेंगे।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार ने दोनों स्वयंसेवकों को औपचारिक रूप से शुभकामनाएँ देते हुए हरिद्वार के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकीकरण शिविर युवाओं के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण मंच है। ऐसे शिविर न केवल अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं, बल्कि विविध संस्कृतियों के मध्य संवाद स्थापित कर राष्ट्रीय एकता की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि खुशी रावत एवं योगेंद्र प्रताप सिंह शिविर में सक्रिय सहभागिता करते हुए विश्वविद्यालय और बुंदेलखंड क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि शिविर से प्राप्त अनुभवों और सीख को वे विश्वविद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के साथ साझा करेंगे, जिससे अधिक से अधिक छात्र प्रेरित हो सकें।
वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. श्वेता पाण्डेय ने भी दोनों प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि एनएसएस का उद्देश्य केवल सामाजिक सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं में जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकीकरण शिविर जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को विभिन्न प्रदेशों की जीवनशैली, परंपराओं और सामाजिक सरोकारों से परिचित कराते हैं, जिससे उनके दृष्टिकोण में व्यापकता आती है। डॉ. पाण्डेय ने प्रतिभागियों को अनुशासन, सक्रियता और सकारात्मक ऊर्जा के साथ शिविर में भाग लेने की सलाह दी।
स्वयंसेवक खुशी रावत और योगेंद्र प्रताप सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस अवसर को अपने लिए गौरवपूर्ण मानते हैं। उन्होंने बताया कि शिविर में देश के अलग-अलग राज्यों से आए युवाओं के साथ संवाद स्थापित करने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान करने और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। उनका कहना था कि वे शिविर से प्राप्त अनुभवों को अपने क्षेत्र में समाजसेवा के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने में उपयोग करेंगे। दोनों स्वयंसेवकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन एवं एनएसएस इकाई का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. श्रीहरि त्रिपाठी, डॉ. ब्रजेश कुमार लोधी, माय भारत नोडल अधिकारी कपिल शर्मा, विनय वार्ष्णेय सहित अन्य स्वयंसेवक एवं अभिभावकगण उपस्थित रहे। सभी ने प्रतिभागियों को सफल सहभागिता के लिए शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय एकीकरण शिविर का मुख्य उद्देश्य देश की विविधता में एकता के भाव को सशक्त करना, युवाओं में नेतृत्व गुणों का विकास करना तथा उन्हें सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक बनाना है। इस प्रकार के आयोजनों से छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है और वे व्यापक दृष्टिकोण के साथ समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित होते हैं।
