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रायसैनिया बाबा मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ

चिरगांव (झांसी)। ग्राम पहाड़ी बुजुर्ग स्थित रायसैनिया बाबा मंदिर में स्वर्गीय श्री किशोरी शरण दांगी जी की 5वीं पुण्य स्मृति के अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ आज बुधवार को बड़े ही भव्य और दिव्य वातावरण में हुआ। यह आयोजन 26 नवंबर 2025 से 3 दिसंबर 2025 तक चलेगा, जिसमें परम पूज्य कथा व्यास श्री रमाकांत व्यास जी महाराज द्वारा सप्ताह भर श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया जा रहा है।
कथा के प्रथम दिवस पर महाराज श्री ने भागवत कथा के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन का कल्पवृक्ष है, जिसकी छाया में आकर मनुष्य की प्रत्येक सदिच्छा पूर्ण हो सकती है।” उन्होंने कहा कि संसार का प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी आकांक्षा और लक्ष्य के साथ जीवन पथ पर आगे बढ़ता है, परंतु वास्तविक परितोष उसे तभी प्राप्त होता है, जब मन भगवान की कथा में रमता है और भक्ति में तल्लीन होता है।
उन्होंने आगे बताया कि भागवत कथा सुनने का अवसर यूँ ही किसी को प्राप्त नहीं होता, बल्कि यह तब मिलता है जब अनेक जन्मों के संचित पुण्य उदित होते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन दुर्लभ है और उससे भी अधिक दुर्लभ है प्रभु का नाम, कथा और कीर्तन का अवसर। इसलिए जब ईश्वर की कृपा से यह पावन अवसर मिले, तो इसे व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए, बल्कि पूर्ण श्रद्धा, समर्पण और भक्तिभाव से इसका लाभ लेना चाहिए।
महाराज श्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला दिव्य मार्गदर्शन है, जो भक्ति, ज्ञान और वैराग्य—तीनों को एक साथ प्रतिष्ठित करता है। कथा के माध्यम से व्यक्ति अपने भीतर छिपे संस्कार, संवेदनाएं और आध्यात्मिक मूल्यों को पहचानता है और जीवन को श्रेष्ठता प्रदान करता है।
कथा व्यास ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि कथा के दिनों में मन, वचन और कर्म की शुचिता बनाए रखें और कथा के अमृत को अपने जीवन में आत्मसात करने का प्रयास करें, क्योंकि “ईश्वर की कथा ही मानव जीवन का वास्तविक अलंकरण है।”
इससे पूर्व आयोजन के प्रथम दिन कलश यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। यात्रा का शुभारंभ छिरौना पुल से पहाड़ी चुंगी होते हुए ग्राम भ्रमण करते हुए रायसैनिया बाबा मंदिर स्थित कथा पंडाल तक सम्पन्न हुआ। महिलाएं सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाती हुई चल रही थीं, वहीं श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।
कथा-श्रवण करने उपस्थित प्रमुख जनों में पारिखित के रूप में श्रीमती पूजा – निर्मल दांगी रहीं। वहीं श्रोताओं में प्रमुख रूप से प्रमोद सिंह परीक्षा उर्फ कल्लू भैया, वीरेंद्र प्रताप सिंह यादव उर्फ वीरू भैया, वीर सिंह दांगी, अतर सिंह दांगी, गुलाब सिंह दांगी, हर्षद दांगी, हरगोविंद राजपूत, रामजी पटेल, सुभाष चंद्र गुप्ता, आशीष गुप्ता, संजीव रावत, भागवत दादा, खंड विकास अधिकारी रामकुमार वर्मा, प्रमुद सिंह, देवेंद्र यादव, शिशुपाल यादव, राजू यादव, राकेश दांगी, केशव दांगी, ईश्वर दांगी, दिनेश पाराशर, बिल्लू यादव, नरेंद्र दांगी, हरपाल सिंह, बच्ची लाल दांगी, ओमप्रकाश दांगी, अरविंद दांगी, हरगोविंद राजपूत, खेम सिंह, बृजभूषण दांगी, मैथिली शरण दांगी, बलराम दांगी, चंद्रभान सिंह दांगी, वीरेंद्र यादव, हरपाल सिंह, ओमप्रकाश दांगी, सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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