जालौन।
राज्य महिला आयोग की सदस्य अर्चना पटेल ने बुधवार को विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में जनसुनवाई कर महिलाओं की समस्याएं सुनीं। जनपद की विभिन्न तहसीलों और गांवों से आई महिलाओं ने इस दौरान अपनी शिकायतें प्रस्तुत कीं।
जनसुनवाई में सदस्य ने पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। कई मामलों में तत्काल रिपोर्ट तलब की गई और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने का आश्वासन दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, भरण-पोषण, कार्यस्थल पर उत्पीड़न तथा भूमि विवाद से जुड़ी शिकायतें सामने आईं।
अर्चना पटेल ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों की पूरी जानकारी होनी चाहिए ताकि वे अन्याय के खिलाफ आवाज उठा सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग महिला उत्पीड़न के किसी भी मामले को हल्के में नहीं लेता और हर शिकायत पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी पीड़िता को न्याय दिलाने में देरी हुई तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
सदस्य ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं आज भी अपने अधिकारों से अनभिज्ञ हैं, जिसके कारण वे शोषण का शिकार होती हैं। उन्होंने महिला कल्याण विभाग, पुलिस प्रशासन और स्थानीय संस्थाओं से मिलकर जागरूकता अभियान चलाने की अपील की।
उन्होंने बताया कि महिला आयोग महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और आगे भी इसी तरह के जनसुनवाई कार्यक्रमों के माध्यम से पीड़िताओं को न्याय दिलाने का कार्य जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अन्याय सहने की बजाय आगे आकर अपनी बात रखें — आयोग उनके साथ है।
इस अवसर पर प्रभारी प्रोबेशन अधिकारी निशांत पांडेय, सीओ सिटी अर्चना सिंह, डीपीओ शरद अवस्थी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
— नीरज श्रीवास्तव, पत्रकार, बोहदपुरा
