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मोंठ–मोंठ में लेखपाल पर मुआवजा दिलाने में रिश्वत मांगने का आरोप, किसानों ने एसडीएम से की शिकायत, बोले- “500 रुपए देने वालों को मिला मुआवजा, ना देने वाले वंचित”

मोंठ–मोंठ में लेखपाल पर मुआवजा दिलाने में रिश्वत मांगने का आरोप, किसानों ने एसडीएम से की शिकायत, बोले- “500 रुपए देने वालों को मिला मुआवजा, ना देने वाले वंचित”

मोंठ। तहसील क्षेत्र के ग्राम कड़ूरा से आए दर्जनों किसानों ने शनिवार को उपजिलाधिकारी मोंठ अवनीश तिवारी को लिखित शिकायत पत्र सौंपकर क्षेत्रीय लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि बरसात के कारण उनके खेतों में धान की फसल को भारी नुकसान हुआ था, लेकिन फसल क्षति मुआवजा दिलाने के नाम पर लेखपाल ने ₹500 की अवैध मांग की है।

किसानों ने शिकायत में आरोप लगाया कि जिन किसानों ने लेखपाल को ₹500 दिए, उनके बैंक खातों में मुआवजा राशि पहुंच चुकी है, जबकि जिन किसानों ने अवैध मांग पूरी नहीं की, उन्हें योजना से वंचित कर दिया गया। किसानों का यह भी कहना है कि जब उन्होंने इस विषय में लेखपाल से बात की तो लेखपाल ने साफ तौर पर कहा कि “जो रुपए देगा, उसे ही मुआवजा मिलेगा, जिसके पास पैसे नहीं हैं वह कहीं भी शिकायत कर सकता है।”

शिकायत पत्र में किसानों ने मांग की है कि आरोपित लेखपाल के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए और वास्तविक रूप से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को मुआवजा दिलाया जाए।

किसान वसंत सिंह ने बताया कि उन्होंने बड़ी मेहनत और खर्च से धान की फसल लगाई थी, लेकिन बरसात से उनकी पूरी फसल नष्ट हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि लेखपाल ने उनसे भी ₹500 की मांग की थी। जब उन्होंने पैसे देने से इन्कार किया तो उन्हें मुआवजा सूची से बाहर कर दिया गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

इन आरोपों पर क्षेत्रीय लेखपाल इराम परवीन ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि ग्राम कड़ूरा में फसल नुकसान का सर्वे नियमानुसार किया गया था और शत-प्रतिशत फीडिंग कर रिपोर्ट जिलास्तरीय अधिकारियों को भेज दी गई है। लेखपाल का कहना है कि उन्होंने अपना कार्य पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ किया है तथा उन पर लगाए गए आरोप झूठे और निराधार हैं।

मामला सामने आने के बाद तहसील प्रशासन में हलचल मच गई है। एसडीएम अवनीश तिवारी ने किसानों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है।
एसडीएम अवनीश तिवारी ने कहा कि “अधिकतर गांवों से ऐसी ही शिकायतें आ रही हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जिन किसानों की फीडिंग पहले हुई उन्हें मुआवजा पहले मिला लेकिन बकाया किसानों को भी मुआवजा राशि जल्द मिल जाएगा।” एसडीएम ने कहा कि “किसान भाई परेशान ना हों, प्रशासन उनके साथ है। लेखपाल पर लगे आरोपों की जांच कराई जाएगी।”

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