मोंठ में प्राचीन गणेश मंदिर बना आस्था का प्रमुख केंद्र।
मोंठ: नगर में स्थित प्राचीन गणेश मंदिर अपनी ऐतिहासिकता, धार्मिक महत्व और विशिष्ट स्थापत्य शैली के कारण श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मराठी शैली में निर्मित यह मंदिर दूर से ही लोगों का ध्यान आकर्षित करता है। मंदिर की भव्य संरचना और शांत वातावरण नगर की सुंदरता को भी बढ़ा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर लंबे समय से श्रद्धालुओं की श्रद्धा का केंद्र रहा है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त भगवान गणेश के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
मंदिर में सुबह और शाम नियमित रूप से पूजा-अर्चना और आरती होती है। विशेष रूप से बुधवार, संकष्टी चतुर्थी और गणेश उत्सव के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है। दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग यहां आकर भगवान गणेश से सुख-समृद्धि और मंगलकामना की प्रार्थना करते हैं। मंदिर परिसर का शांत और आध्यात्मिक वातावरण लोगों को आंतरिक शांति का अनुभव कराता है।
मंदिर के पुजारी बंटी महाराज ने बताया कि यह मंदिर काफी प्राचीन है और इसकी निर्माण शैली मराठी परंपरा से प्रभावित है। मंदिर की बनावट, शिखर और गर्भगृह की संरचना इसे अन्य मंदिरों से अलग पहचान देती है। उन्होंने बताया कि यहां आने वाले श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ भगवान गणेश की पूजा करते हैं और अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं। कई भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर यहां प्रसाद और भंडारे का आयोजन भी करते हैं।
नगरवासियों का कहना है कि यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि मोंठ की पहचान भी बनता जा रहा है। समय-समय पर यहां धार्मिक कार्यक्रम और पूजा-अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग भाग लेते हैं। मंदिर की बढ़ती लोकप्रियता से नगर का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी लगातार बढ़ रहा है।
