मोंठ: कस्बा मोंठ के पावन श्री शीतला धाम प्रांगण में आयोजित श्री राम कथा के प्रथम दिवस धार्मिक आस्था और भक्ति भाव से ओतप्रोत भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूरे नगर का वातावरण श्रीराममय हो गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चे शोभायात्रा में शामिल हुए।
शोभायात्रा में 1100 कलश धारण किए हुए महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित होकर सुंदर-सुंदर भक्ति गीत गाते हुए चल रही थीं। सिर पर कलश, मुख पर श्रद्धा और होठों पर राम नाम की ध्वनि के साथ चल रही महिलाओं का दृश्य अत्यंत मनोहारी एवं भाव-विभोर कर देने वाला था। आगे-आगे बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ों की मधुर धुन और पीछे भक्तों की टोलियां “जय श्रीराम” के जयघोष के साथ नगर भ्रमण कर रही थीं।
शोभायात्रा श्री शीतला धाम प्रांगण से प्रारंभ होकर कस्बे के प्रमुख मार्गों से होती हुई पुनः कथा स्थल पर संपन्न हुई। मार्ग में जगह-जगह नगरवासियों द्वारा पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर आरती उतारी गयी।श्रीराम कथा के प्रथम दिवस पर पूज्य आचार्य शांतनु जी महाराज ने कहा कि भगवान की असीम कृपा से ही हम सब सन्मार्ग की ओर प्रेरित होते है माता पार्वती के शंका समाधान करते हुए महादेव ने बताया कि देवी ईश्वर सगुण भी है और निर्गुण भी भक्त जिस रूप में चाहता है प्रभु उसी रूप में भक्तों को दर्शन देते है
मानस की महिमा बताते हुए पूज्यश्री ने कहा कि ये रामायण कल्पबृक्ष के समान है इसको गाने वाला जो चाहता है वो उसको मिलता है परंतु शर्त है कि इसे निर्मल मन से गाया जाय
भगवान शिव के विवाह की कथा सुनाते हुए पूज्य महाराज जी ने कहा कि शिव और पार्वती श्रद्धा और विश्वास के प्रतीक है इसीलिए रामकथा में पहले शिव और पार्वती की कथा है पूज्य महाराज जी ने भगवान शिव की बारात का दर्शन कराते हुए कहा कि उनकी बारात में भूत प्रेत भी शामिल थे परंतु वे भी बहुत ही संयमित थे परांठे आज की क्या स्थिति है हम सब को इस पर विचार करना चाहिए साथ ही साथ महाराज जी ने समाज मे व्याप्त अनेक कुरीतियो पर कुठाराघात किया।पारीक्षत भगत सिंह,पानकुँअर परिहार ने आरती की।कार्यक्रम के आयोजक रामजी परिहार ने आये हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महंत वैदेही शरण महाराज अयोध्या धाम ने सभी को अपना आसीर्बाद दिया।इस मौके पर गरौठा विद्यायक जवाहरलाल राजपूत,एमएलसी रमा निरंजन,योगी अर्पित दास महाराज,महंत केशव दास महाराज, महंत प्रवीण दास महाराज,राकेश दास महाराज,छत्रपाल राजपूत,कृष्ण चंद्र तिवारी,कपिल मुदगिल,राजू चौहान,देवेंद्र गुसाँई,हाकिम सिंह चौहान,योगेंद्र त्रिपाठी,ब्रम्हजीत द्विवेदी,गुरदीप गुर्जर,पुष्पेंद्र दुबे,वीरप्रताप चौहान,दयाल गिरि, धर्मेन्द्र वर्मा,विकास निरंजन,श्यामविहारी दुबे,शिवप्रताप बुंदेला,गजेंद्र चौहान,सौरभ गिरि सहित अनेक लोग मौजूद रहे।संचालन अजय शुक्ला ने किया।





