महिलाओं को उनके अधिकारों, कानूनों व योजनाओं की दी गई जानकारी
झांसी : महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान फेज-5.0 के अंतर्गत जागरूकता चौपाल का आयोजन मेडिकल कॉलेज सभागार में किया गया। यह विशेष अभियान 17 अक्टूबर से 3 नवम्बर 2025 तक जिले में संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा कानूनों और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
कार्यक्रम में जिला मिशन कोऑर्डिनेटर प्रियंका गुप्ता ने महिलाओं से जुड़े प्रमुख कानूनों की जानकारी देते हुए कहा कि दहेज निषेध अधिनियम 1961 के अंतर्गत दहेज लेने या देने तथा उसके लेन-देन में सहयोग करने पर पाँच वर्ष की कैद और पंद्रह हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि दहेज जैसी सामाजिक बुराई का उन्मूलन तभी संभव है जब समाज इसके विरुद्ध एकजुट होकर कदम उठाए।
उन्होंने आगे बताया कि पूर्व गर्भाधान एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) अधिनियम 1994 के तहत भ्रूण के लिंग की जांच प्रतिबंधित है, ताकि कन्या भ्रूण हत्या और घटते लिंगानुपात पर नियंत्रण पाया जा सके। उन्होंने घरेलू हिंसा अधिनियम की भी विस्तार से जानकारी दी और महिलाओं से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार के अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाएं।
चौपाल में जेन्डर स्पेशलिस्ट रजनी वर्मा ने महिला कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, निराश्रित पेंशन योजना तथा वन स्टॉप सेंटर की जानकारी दी। उन्होंने महिला हेल्पलाइन नंबर 181, 112, 1090, 1098, और 102 के उपयोग के बारे में भी बताया।
कार्यक्रम में सेंटर मैनेजर प्रीति त्रिपाठी, सामाजिक कार्यकर्ता मनोरमा, सहायक लेखाकार अंकित कुमार दीक्षित, प्रजेश एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
