चिरगांव।क्षेत्रीय आस्था के केंद्र रायसेनिया बाबा मंदिर पहाड़ी बुजुर्ग के परिसर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन गुरुवार को कथा व्यास रमाकांत व्यास ने धुंधकारी प्रसंग का सार सुनाते हुए माता–पिता की महिमा को धरती पर साक्षात् भगवान का स्वरूप बताया।
स्वर्गीय किशोरी शरण दांगी की पांचवीं पुण्यतिथि के अवसर पर कथा व्यास ने कहा, “माता–पिता संसार में प्रत्यक्ष देवता हैं। इन्हें कष्ट पहुँचाना जीवन का सबसे बड़ा पाप है। मंदिर न जाएँ तो चल जाएगा, कथा न सुनें तो क्षम्य है, भजन–कीर्तन न करें तो भी जीवन कट सकता है, लेकिन यदि आपने माता–पिता की सेवा नहीं की, तो कुछ भी किया हुआ सफल नहीं माना जाएगा। जो संतान माता–पिता को पीड़ा देती है, वह जीवन में कभी वास्तविक सुख प्राप्त नहीं कर सकती।
व्यास जी ने कहा, कि माता–पिता की आँखों से आँसू जीवन में केवल दो बार निकलते हैं—एक जब बेटी घर की चौखट छोड़ती है, और दूसरा जब बेटा उनसे मुँह मोड़ता है। जिस घर में माँ रोती है, उस घर की समृद्धि उसके आँसुओं के साथ बहकर निकल जाती है।” श्रोताओं में मौजूद महिलाओं और बुजुर्गों की आँखें यह सुनकर नम हो गईं।
उन्होंने इकलौते पुत्र वाले परिवारों के संदर्भ में कहा कि माता–पिता का उत्तरदायित्व तब और बढ़ जाता है, जब घर में एक ही बच्चा हो। ऐसे बच्चों में बिगड़ने की आशंका अधिक रहती है, इसलिए संस्कारों की बुनियाद मजबूत करना आवश्यक है। “यदि बच्चा बचपन में ताश या व्यसनों की ओर झुकने लगे, तो समझिए बिगड़ने की शुरुआत हो चुकी है, इसे समय रहते रोकना अनिवार्य है।
कथा व्यास ने शिक्षा और संस्कार को एक समान महत्व देते हुए कहा, “संस्कारहीन धन क्षणिक है, लेकिन संस्कारित संतान आपकी असली पूँजी है। यदि संतान को पढ़ा–लिखा दिया और संस्कार दे दिए, तो घर में लक्ष्मी की कमी नहीं रहेगी। लेकिन यदि संस्कारों पर ध्यान नहीं दिया, तो वही संतान आगे चलकर दुःख का कारण बन जाती है।
कथा में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, युवा, माताएँ बहिनें उपस्थित रही। मंच संचालन दुर्गेश महाराज ने किया।
मंचसीन संत विश्वभूषण दास जी,कल्याण दास काका जी,बासुदेव जी महाराज खेरापति,साकेत बिहारी दास,रणधीरा चार्य रहे।
अंत में आरती और प्रसाद वितरण के साथ कथा दिवस का समापन हुआ।
आयोजक गुलाब सिंह दांगी ने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से 5 बजे तक जारी रहेगी।इसके साथ ही रात आठ बजे से भजन संध्या का कार्यक्रम होगा।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार विधान परिषद उत्तर प्रदेश के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ,पूर्व एम एल सी श्याम सुंदर सिंह,पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामनरेश यादव,हरपाल परमार गुरसराय,दिनेश पाराशर,रघुवीर दिसौरिया, शीतल प्रसाद आदि मौजूद रहे।

