सुनवाई केंद्र का औचक निरीक्षण, बीएलओ को मृदुभाषी व्यवहार के निर्देश
झांसी, । विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2026 के तहत पात्र महिला एवं युवा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए प्रशासन ने व्यापक अभियान शुरू किया है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी शिव प्रताप शुक्ल ने तहसील सदर स्थित सुनवाई केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान बीएलओ और नियुक्त कार्मिकों को निर्देशित किया गया कि नो मैपिंग एवं तार्किक विसंगतियों की श्रेणी में आने वाले मतदाताओं की सूचियां प्रत्येक बूथ स्तर पर सार्वजनिक स्थलों, जैसे तहसील, पंचायत भवन एवं संबंधित कार्यालयों में अनिवार्य रूप से चस्पा की जाएं। प्रत्येक कार्यदिवस में सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक संबंधित अभिलेख, वर्ष 2003 की अंतिम मतदाता सूची, 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित आलेख्य सूची, फॉर्म 6, 7, 8 एवं घोषणा पत्र उपलब्ध रखे जाएं।
बताया गया कि जिन मतदाताओं के नाम नो मैपिंग या तार्किक विसंगति में आए हैं, वे सूची प्रदर्शित होने की तिथि से 10 दिन के भीतर व्यक्तिगत रूप से अथवा अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से आपत्ति या दावा प्रस्तुत कर सकते हैं।
अभियान के तहत विकास, स्वास्थ्य, महिला कल्याण, माध्यमिक व उच्च शिक्षा तथा नगर विकास विभाग को भी सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े 7700 महिला स्वयं सहायता समूहों की 85 हजार महिलाएं ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र महिलाओं, विशेषकर नवविवाहित एवं 18 से 20 वर्ष आयु वर्ग की युवतियों के नाम मतदाता सूची में जुड़वाने का कार्य करेंगी।
आंकड़ों के अनुसार 27 अक्तूबर 2025 तक प्रदेश में प्रति हजार पुरुषों पर 877 महिला मतदाता थीं, जो 6 जनवरी 2026 को जारी आलेख्य सूची में घटकर 824 रह गईं। प्रशासन का मानना है कि बड़ी संख्या में महिलाएं गणना प्रपत्र न भर पाने के कारण सूची से बाहर रह गईं। विवाह के बाद स्थान परिवर्तन भी एक प्रमुख कारण माना गया है।
निरीक्षण के दौरान सुनवाई केंद्र पर बैठने, पेयजल, शौचालय एवं इंटरनेट की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। बीएलओ को निर्देश दिए गए कि वे सुनवाई के दौरान संयमित एवं शालीन व्यवहार रखें, ताकि मतदाता अपनी बात सहजता से रख सकें।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर, तहसीलदार, लेखपाल, बीएलओ, बीएलए तथा अन्य मतदाता उपस्थित रहे।
