मोंठ। शुक्रवार को भाजपा नेता सुधीर राजपूत ने किसानों की मांग को लेकर तहसील परिसर में अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया।
भारी बारिश से तहसील मोठ क्षेत्र के किसानों की धान की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो जाने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। इसी मांग को लेकर शुक्रवार को भाजपा नेता सुरजीत सिंह राजपूत के नेतृत्व में किसानों ने तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन कर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने प्रशासन से फसल के नुकसान का मुआवज़ा और बीमा राशि तत्काल दिलाने की मांग की है।
किसानों ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि तहसील मोठ के अंतर्गत आने वाले गाँवों में भारी बारिश से धान की फसलें 100 प्रतिशत तक बर्बाद हो गई हैं। खेतों में पानी भर जाने के कारण फसलें सड़ चुकी हैं। अब किसानों के पास रबी की फसल बोने के लिए भी धन की कमी है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द मुआवज़ा और बीमा राशि नहीं दिलाई गई, तो किसान भुखमरी की कगार पर पहुँच जाएंगे।
किसानों ने बीमा कंपनी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि बीमा कंपनी ने किसानों के साथ धोखाधड़ी की है। क्षेत्र में अधिकांश किसान धान की खेती करते हैं, लेकिन बीमा कंपनी ने गलत तरीके से तिल और मूंगफली की फसल का बीमा दर्ज किया है। किसानों ने इसकी जांच कराकर संबंधित बीमा कंपनी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
इसके साथ ही किसानों ने यह भी मांग की कि मोठ क्षेत्र के किसानों का क्रेडिट कार्ड ऋण माफ किया जाए, ताकि वे दोबारा खेती कर सकें और आर्थिक संकट से बाहर निकल सकें। किसानों ने कहा कि वर्तमान स्थिति में यदि सरकार और प्रशासन की ओर से तत्काल सहायता नहीं मिली, तो खेती करना मुश्किल हो जाएगा।
भाजपा नेता सुरजीत सिंह राजपूत ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की हालत बेहद दयनीय है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि प्लॉट टू प्लॉट सर्वे कराकर फसलों के नुकसान का सही आकलन किया जाए और मुआवज़ा शीघ्र दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
धरने में क्षेत्र के अनेक किसान मौजूद रहे, जिन्होंने प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएँ रखीं और शीघ्र समाधान की उम्मीद जताई। धरना शांतिपूर्वक शुरू हुआ जो मांगे मानने तक चलता रहेगा
धरना स्थल पर
सुरजीत सिंह राजपूत , उमाशंकर राजपूत जिलाध्यक्ष किसान मोर्चा, दिनेश राजपूत, मुकेश राजपूत, जीतू राजपूत नंदसिया, पारस पाल, मलखान सिंह, एपी माते , अमर सिंह पुरुषोत्तम नारायण, जीतू तथा अमरसिंह आदि अनेक ग्रामो के दर्जनों किसान थे।
