पूंछ (झांसी)। कस्बे स्थित मायानन्द गुरुकुल आश्रम इंटर कॉलेज में सोमवार को कक्षा 12 के छात्र-छात्राओं का विदाई समारोह भावभीने वातावरण में संपन्न हुआ। कक्षा 11 के विद्यार्थियों ने अपने सीनियर साथियों को फेयरवेल देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह के दौरान शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को आशीर्वाद प्रदान किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय संस्थापक स्वामी वासुदेवानंद ‘विश्व बंधु’ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए भगवान नरसिंह द्वारा देहरी पर हिरण्यकश्यप वध की कथा का रहस्य समझाया। उन्होंने कहा कि जब भगवान नरसिंह ने देहरी पर अधर्म का अंत किया, तो वह केवल एक राक्षस का वध नहीं था, बल्कि बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश था। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जब वे विद्यालय की देहरी पार कर समाज में प्रवेश करें, तो अपने भीतर की बुराइयों रूपी राक्षस का अंत कर दें और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें।
उन्होंने कहा कि विद्यालय ने विद्यार्थियों के हाथ में ज्ञान का महान अस्त्र सौंपा है और उन्हें श्रीमद्भगवद्गीता के उत्कृष्ट ज्ञान की ओर प्रेरित किया है। गीता का ज्ञान जीवन में लक्ष्य प्राप्ति का सशक्त साधन है। इसी ज्ञान के आधार पर आगे बढ़ते हुए विद्यार्थी अपने जीवन को सफल और समाजोपयोगी बना सकते हैं।
कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य भुवनेंद्र सिंह यादव ने किया। दीप प्रज्वलन संस्थापक द्वारा तथा माल्यार्पण आईटीआई प्रबंधक भगत सिंह यादव ने किया। अंत में प्रधानाचार्य ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
विकास अग्रवाल की रिपोर्ट
