झांसी। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने संगठन में अनुशासन और मजबूती को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए बुंदेलखंड क्षेत्र में महत्वपूर्ण संगठनात्मक बदलाव किया है। पार्टी ने झांसी मंडल के मुख्य मंडल प्रभारी लालाराम अहिरवार को संगठनात्मक पदों और जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है। इस कार्रवाई को संगठन में गुटबाजी और अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है
पार्टी सूत्रों के अनुसार, मायावती आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही हैं। इसी क्रम में झांसी मंडल के मुख्य मण्डल प्रभारी की की जिम्मेदारी में बदलाव करते हुए युवा में अपनी अच्छी पकड़ रखने वाले पार्टी अनुशासन को मानने वाले रविकान्त मौर्य को मुख्य कोऑर्डिनेटर की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राजनीतिक हलकों में इस फैसले को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस निर्णय के जरिए साफ संदेश दिया है कि पार्टी में अनुशासन, जवाबदेही और सक्रियता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं रविकान्त मौर्य को मिली नई जिम्मेदारी को संगठन में नए नेतृत्व पर भरोसे और कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
बसपा के इस बड़े फेरबदल के बाद खासकर बुंदेलखंड की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की निगाहें अब नए संगठनात्मक ढांचे और आने वाले राजनीतिक समीकरणों पर टिकी हुई है और इससे स्पष्ट हो गया कि बसपा सुप्रीमो 2027 में सरकार बनाने में किसी प्रकार की चूक नहीं करना चाहती हैं। रवि मौर्य को इस बड़ी जिम्मेदारी मिलने से पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं और युवाओं में काफी जोश और खुशी की लहर देखने को मिली l
