मोंठ
मोठ तहसील क्षेत्र के ग्राम बम्हरौली में निषाद समाज के आराध्य श्रृंगवेरपुर नरेश महाराजा गुह्यराज निषाद की जयंती बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर समाज के लोगों ने एकत्रित होकर उनके जीवन और योगदान को याद किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने निषाद समाज के गौरवशाली इतिहास और महान व्यक्तित्वों पर विस्तार से प्रकाश डाला। गरौठा विधानसभा के अंतर्गत मोठ तहसील के ग्राम बम्हरौली स्थित निषाद मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम अध्यक्ष राजेश कुमार रैकवार ने की। समारोह में वरिष्ठ समाजसेवी रमेश चंद्र रैकवार ने महाराजा गुह्यराज निषाद के जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि निषाद समाज का इतिहास वीरता, त्याग और पराक्रम से भरा हुआ है। उन्होंने बताया कि त्रेता युग में महाराजा निषादराज गुह्यराज ने भगवान राम के प्रति अपनी अटूट निष्ठा और मित्रता का परिचय दिया, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणा है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने विभिन्न युगों में निषाद समाज के महान व्यक्तित्वों का भी उल्लेख किया। सतयुग में प्राचीन नगरी एरच मे महर्षि कश्यप और सम्राट हिरण्यकश्यप से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों का जिक्र किया गया, वहीं द्वापर युग में महान धनुर्धर एकलव्य की वीरता और समर्पण को याद किया गया। इसके अलावा महर्षि वेदव्यास और कलयुग में पूर्व सांसद स्वर्गीय फूलन देवी के साहसिक जीवन पर भी चर्चा की गई। इस दौरान राजेंद्र कुमार जौरा और भगवान दास इमलिया ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज को एकजुट रहने और अपने इतिहास से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य लोग और समाज के सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें अमित रायकवार, रामबाबू रायकवार, आशीष रायकवार, देवी दयाल रैकवार, गया प्रसाद, सालिकराम, हरि सिंह रैकवार, नंदलाल रायकवार, लोकेंद्र रायकवार, हरिओम रैकवार, लक्ष्मी नारायण वर्मा, खुशीराम वर्मा, मुकुंदी रायकवार, लालू प्रसाद रायकवार, हरगोविंद रायकवार, विनोद रायकवार, कमलेश कुमार, तेजराम, रामस्वरूप, बुद्ध प्रकाश, सोनू रैकवार और मंगल रायकवार सहित कई लोग मौजूद रहे। समारोह का समापन समाज की एकता और प्रगति के संकल्प के साथ किया गया।
